आए दिन लोगों को जख्मी कर रहे बंदर
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : क्षेत्र में लगातार कटखने बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। आए दिन बंदर राह चलते लोगों को काट रहे हैं। बंदरों के डर से लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल होता जा रहा है। तमाम शिकायतों के बाद भी नगर निगम व वन विभाग आमजन की इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा।

गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में शायद ही कोई ऐसा वार्ड हो, जहां बंदरों के झुंड घूमते नजर न आएं। आए दिन बढ़ रही बंदरों की संख्या ने शहरवासियों की चिंता बढ़ा दी है। सुबह से ही बंदर घरों में उत्पात मचाना शुरू कर देते हैं। बंदरों के कारण वार्डवासियों का अपने घरों की छत पर कपड़े व अनाज सुखाना भी मुश्किल हो गया है। झुंड में आ रहे बंदर आमजन पर भी हमला कर रहे हें। बंदरों के डर से बच्चों ने घर के बाहर खेलना भी छोड़ दिया है। अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने व लाने के लिए साथ में जाना पड़ रहा है। बंदरों ने घरों के बाहर खेतों में लगाई गई सब्जियों व फलों को भी बर्बाद कर दिया है। दरवाजे खुले होने पर बंदरों का झुंड घर के अंदर पहुंच जाता है। कुछ समय पूर्व मोहल्ला गोविंदनगर में बंदर से बचने के प्रयास में एक युवक घर की छत से गिर गया था, जिस पर गंभीर चोट आई।
बढ़ रहे बंदरों के हमले
कोटद्वार शहर में लगातार बंदरों के हमले भी बढ़ते जा रहे हैं। राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार के साथ ही निजी अस्पतालों में बंदरों के हमले में घायल व्यक्ति पहुंच रहे हैं। क्षेत्रवासी सुभाष सिंह, पुष्कर रावत, मनमोहन कुमार ने बताया कि पूर्व में वन विभाग व निगम ने बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की बात कही थी। लेकिन, आज तक यह अभियान धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि घर के बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। बंदर छतों और आंगन में आकर सामान बिखेर देते हैं।