जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) कोटद्वार का 38वां स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान सिद्धबली मंदिर क्षेत्र में एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ बीईएल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर निदेशक वित्त एवं एचआर मनोज जैन, निदेशक अन्य यूनिट दामोदर भट्ट तथा महाप्रबंधक कोटद्वार अखिलेश त्रिपाठी उपस्थित रहे। स्थापना दिवस की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद हिमाचली, गढ़वाली, राजस्थानी, तेलुगु और नेपाली सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। समारोह में सांस्कृतिक झलक देखने को मिली। समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों के बीच समूह नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में जीआईसी दुगड्डा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि बलूनी पब्लिक स्कूल द्वितीय और एंजेल्स पब्लिक स्कूल तृतीय स्थान पर रहे। विजेता टीमों को मुख्य अतिथियों द्वारा ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त बीईएल के उत्कृष्ट कर्मचारियों को भी उनके सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने अपने संबोधन में संस्थान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सभी कर्मचारियों एवं सहयोगियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में बीईएल कर्मचारियों, उनके परिजनों, सामाजिक संगठनों और सांस्कृतिक समितियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। समारोह का संचालन नेहा कुमारी, राशि गैरोला एवं प्रज्ञा कोंपाल ने संयुक्त रूप से किया। अंत में सांस्कृतिक समिति के सचिव प्रदीप बडोला ने कार्यक्रम की सफलता के लिए धन्यवाद किया। वहीं, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) कोटद्वार ने कॉपोरेट सामाजिक दायित्व के अंतर्गत सिद्धबली मंदिर क्षेत्र में एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना कर उसका शुभारंभ किया। प्लांट का उद्घाटन निदेशक वित्त एवं एचआर मनोज जैन, निदेशक अन्य यूनिट दामोदर भट्ट एवं महाप्रबंधक अखिलेश त्रिपाठी की उपस्थिति में किया गया। बीईएल अधिकारियों ने बताया कि इस प्लांट के संचालन से क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इसके माध्यम से अपशिष्ट जल को शुद्ध कर बागवानी, सफाई एवं अन्य उपयोगी कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे जल संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। बीईएल समय-समय पर अपने सामाजिक दायित्वों के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रशासनिक सहायता और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में कार्य करता रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए उपयोगी कदम बताया।