बिच्छु घास को बनाया आजीविका का साधन

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नैनीताल। लॉकडाउन के चलते दिल्ली से सपरिवार रामगढ़ ब्लॉक के चाफा गांव (सुयालबाड़ी) लौटे प्रवासी हरीश नेगी ने बिच्छु घास को आजीविका का साधन बना लिया है। उन्होंने गांव में ही बिच्छु चाय तैयार की है। जिसका ग्रीन-टी के तौर पर उपयोग होने लगा है। उनके द्वारा तैयार बिच्छु चाय की स्थानीय बाजारों से डिमांड होने लगी है। शनिवार को सीएम मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट ने चाफा गांव पहुंचकर हरीश के प्रयासों की सराहना की। साथ ही सरकार से भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया। प्रवासी हरीश ने कहा नौकरी छूटने के बाद वह पूरे परिवार के साथ मार्च माह में चाफा गांव आ गये थे। गांव में उनके पास करने के लिए कुछ भी नहीं था। उन्होंने कहा एक बार वह काम के सिलसिले में दुबई गये हुए थे तो उन्हें वहां नेटल-टी यानी बिच्छु चाय पिलायी गई, जो काफी स्वादिष्ट लगी। उन्होंने जब नेटल-टी के बारे में जानकारी चाही तो उन्हें पता चला, यह बिच्छु घास से तैयार की गई चाय है। कहा उन्होंने बिच्छु घास से चाय तैयार कर इसे आजीविका का साधन बनाने की ठानी। उन्होंने कहा स्थानीय बाजारों से बिच्छु चाय की डिमांड आने लगी है।

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