कोटद्वार-पौड़ी

कोटद्वार सीट पर भाजपा वाच एंड सी की स्थिति में

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-सिटिंग विधायक को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद कोटद्वार सीट पर निर्णय लेना हो रहा मुश्किल
-प्रदेश भाजपा की ओर से भेजे गए उम्मीदवारों के पैनल पर केंद्रीय नेतृत्व नहीं जता पा रहा भरोसा
-भाजपा के कोटद्वार विस सीट पर संस्पेंस क्रिएट करने से रोचक हुआ चुनाव
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने गुरुवार को उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए 59 प्रत्याशियों की सूची जारी की। प्रदेश की 70 विधानसभाओं में से भाजपा ने 59 सीटों पर स्थिति स्पष्ट कर दी है, जबकि कोटद्वार समेत 11 सीटों पर अभी प्रत्याशियों की घोषणा करना बाकी है। इन 11 सीटों में से भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को सबसे ज्यादा दिक्कत कोटद्वार विधानसभा सीट दे रही है। इस सीट के लिए प्रदेश भाजपा की ओर से भेजे उम्मीदवारों के पैनल पर केंद्रीय नेतृत्व भरोसा नहीं जता पा रहा है। वहीं, भाजपा ने गढ़वाल की विधानसभा सीटों पर टिकट आवंटन में ऐसा चुनावी समीकरण फिट किया है कि अब कांग्रेस को भी चुनाव लड़ने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। ऐसे में कांग्रेस गढ़वाल की सबसे हॉट सीट मानी जाने वाली कोटद्वार सीट से कोई नया ट्रम्प कार्ड खेल सकती है। शायद इसी वजह से भाजपा भी कोटद्वार विधानसभा सीट पर प्रत्याशी की घोषणा करने में कोई लापरवाही नहीं करना चाहती है और वाच एंड सी की स्थिति में आ गई है।
दरअसल, पिछले दिनों भाजपा ने कोटद्वार विधायक व काबीना मंत्री हरक सिंह रावत को बाहर का रास्ता दिखा दिया। ऐसे में भाजपा की ओर से कोटद्वार सीट खाली हो गई। सिटिंग विधायक के जाने के बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को इस सीट पर प्रत्याशी घोषित करने के लिए काफी गुणा-भाग करना पड़ रहा है। भाजपा को पता है कि कोटद्वार सीट से कांग्रेस ने अपने सबसे मजबूत उम्मीदवार पर दाव खेलना है, इसे देखते हुए भाजपा ऐसे प्रत्याशी को मैदान में उतारना चाहती है जो उसकी जीत को पक्का कर सके। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से जारी की गई पहली लिस्ट से तो ऐसा ही लगता है कि वह प्रदेश भाजपा की ओर से भेजे गए उम्मीदवारों के पैनल पर जीत का भरोसा नहीं जता पा रहा है। जो भी हो कोटद्वार सीट पर सस्पेंस क्रिएट करके भाजपा ने विधानसभा चुनाव को और रोचक बना दिया है।
क्या कांग्रेस से किसी को खींचने का हो रहा प्रयास
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से कोटद्वार विधानसभा सीट पर प्रत्याशी की घोषणा न करने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व कोटद्वार सीट से चुनाव की तैयारी कर रहे भाजपा कार्यकत्र्ताओं पर जीत का विश्वास नहीं जता पा रहा है। यदि ऐसा है तो क्या भाजपा, कांग्रेस से किसी मजबूत उम्मीदवार को खींचने का प्रयास कर रही है या भाजपा का कोटद्वार सीट पर किसी पैराशूट को उतारने का विचार है। राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा है कि भाजपा, कांग्रेस के एक मजबूत कैंडिडेट को अपने पाले में लाने का विचार कर रही है। यदि ऐसा होता है तो हॉट सीट कोटद्वार में चुनावी संग्राम का अलग ही रूप देखने को मिल सकता है।
कांग्रेस की सूची के बाद ले सकती है भाजपा निर्णय
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि सिटिंग विधायक को बाहर करने के बाद भाजपा ने जानबूझ कर कोटद्वार विधानसभा सीट पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी फिलहाल कांग्रेस की सूची जारी होने का इंतजार कर रही है। उसके बाद ही भाजपा चुनावी समीकरण के आधार पर कोटद्वार सीट पर निर्णय लेगी।

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