नईदिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो मेटा के प्लेटफॉर्म फेसबुक से हटाए जाने के बाद अब केंद्र सरकार की संसदीय समिति ने मेटा, एक्स, गूगल और स्नैपचैट को तलब किया है। कम्युनिकेशन और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने इन कंपनियों के प्रतिनिधियों को 3 अगस्त को बैठक के लिए बुलाया है। इस दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारियों, नियमों के पालन और यूजर्स की निजता जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी तथा कंपनियों से विस्तृत जवाब मांगा जाएगा।
समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने बताया कि बैठक में महिलाओं, बच्चों, किसानों, गांवों में रहने वाले लोगों, मजदूरों और आम नागरिकों की निजता की सुरक्षा पर चर्चा होगी।
इसके साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सरकार की सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में किस तरह सहयोग करते हैं।
कंपनियों से उनके सुरक्षा उपायों, नीतियों और जवाबदेही को लेकर भी विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी तथा भविष्य की तैयारियों पर भी सवाल पूछे जाएंगे।
मेटा ने प्रधानमंत्री मोदी के आधिकारिक फेसबुक पेज से एक वीडियो कुछ समय के लिए हटाए जाने पर माफी मांगी है।
कंपनी ने कहा कि वीडियो तकनीकी गलती की वजह से हटा था और बाद में उसे दोबारा बहाल कर दिया गया।
शुरुआत में वीडियो पर कानूनी अनुरोध का नोटिस दिखाई देने से विवाद बढ़ गया था, जिससे कई लोगों ने इस पर सवाल भी उठाए और सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
रिपोर्टों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भी इस घटना को लेकर मेटा के अधिकारियों को तलब किया है।
मंत्रालय कंपनी से यह जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री का वीडियो अस्थायी रूप से क्यों हटाया गया।