जौनसारी बोली में जल्द शुरू होगा सर्टिफिकेट कोर्स : प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी

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साहिया, जौनसार-बावर क्षेत्र के छात्रों के लिए उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में जल्द ही जौनसारी बोली-भाषा को शामिल किया जाएगा। जौनसारी भाषा में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की दिशा में विश्वविद्यालय स्तर पर कार्य चल रहा है। यह जानकारी उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने शुक्रवार को सरदार महिपाल राजेन्द्र जनजातीय (पी.जी.) कॉलेज, साहिया में आयोजित उच्च शिक्षा आपके द्वार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दी।
कुलपति प्रो. लोहनी ने बताया कि विश्वविद्यालय में जौनसारी भाषा में पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। पाठ्यक्रम तैयार होने के बाद इसे जनवरी 2027 या जुलाई 2027 के सत्र से शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण के साथ उन्हें उच्च शिक्षा से जोड़ना विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में गढ़वाली और कुमाऊंनी सहित अन्य स्थानीय भाषाओं में पाठ्यक्रम पहले से संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जौनसारी बोली-भाषा को भी शैक्षणिक पाठ्यक्रम से जोड़ने की पहल की जा रही है।
कुलपति ने कहा कि जौनसारी भाषा में पाठ्यक्रम शुरू होने से क्षेत्र की स्थानीय बोली, लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई दिशा मिलेगी। यह पहल जौनसार-बावर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को उच्च शिक्षा के साथ जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे क्षेत्र के छात्र अपनी मातृभाषा और स्थानीय संस्कृति से जुड़े विषयों का व्यवस्थित रूप से अध्ययन कर सकेंगे।
अधिक से अधिक लोगों तक उच्च
शिक्षा पहुंचाना लक्ष्य
प्रो. लोहनी ने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक उच्च शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है। मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से व्यक्ति किसी भी उम्र में अपनी पढ़ाई जारी रख सकता है। उन्होंने कहा कि नौकरी, व्यवसाय या अन्य कारणों से नियमित कॉलेज नहीं जा पाने वाले विद्यार्थियों के लिए मुक्त विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय छात्रों की सुविधाओं को प्राथमिकता दे रहा है। प्रवेश के बाद विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के साथ अब डिग्री भी डाक के माध्यम से उनके घर तक पहुंचाई जा रही है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को विशेष सुविधा मिल रही है।
छात्रों को पाठ्यक्रमों की जानकारी दी
कार्यक्रम के दौरान डॉ. राकेश चन्द्र रयाल ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के विभिन्न अवसरों और विश्वविद्यालय की अध्ययन व्यवस्था के बारे में बताया।
साहिया कॉलेज के चेयरमैन अनिल सिंह तोमर ने विशेष अध्ययन केंद्र के माध्यम से छात्रों को मिल रहे शैक्षणिक अवसरों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मुक्त विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम उच्च शिक्षा हासिल करने का बेहतर माध्यम बन रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता भारत चौहान ने जौनसारी भाषा को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल करने की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जौनसारी बोली को शैक्षणिक स्तर पर बढ़ावा मिलने से इसके संरक्षण और संवर्धन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे जौनसार-बावर की सांस्कृतिक पहचान के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

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