जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : बदलते मौसम का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते जिला अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल में हर दिन लगभग 70 बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों में बुखार, उल्टी-दस्त या सर्दी-जुकाम के लक्षण लगातार बने रहने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। सावधानी और स्वच्छता अपनाकर बच्चों को मौसमी संक्रमण से काफी हद तक बचाया जा सकता है।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हितेन जंगपानी ने बताया कि इन दिनों बच्चों में वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। इसके अलावा उल्टी-दस्त और पेट संबंधी समस्याओं से पीड़ित बच्चे भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. जंगपानी ने बताया कि दूषित पानी और बाहर का खाना भी बच्चों के बीमार होने का प्रमुख कारण बन सकता है। ऐसे में बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों को स्वच्छ और उबला हुआ पानी देने और बाहर के खाद्य पदार्थों से परहेज कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।