कार्यशाला से बच्चों की प्रतिभा में आता है निखार

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कार्यशाला में बच्चों ने सीखें आट्र्स और क्राप्ट्स के गुर
जयन्त प्रतिनिधि।
लैंसडौन : राजकीय प्राथमिक विद्यालय मेरुड़ा, जयहरीखाल में “जीवन के रंग बच्चों के संग” थीम पर आधारित एक दिवसीय नवाचारी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान आट्र्स एंड क्राफ्ट्स कार्यशाला आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। कक्षा चार की छात्रा प्रियांशी, कक्षा तीन की काजल, कार्तिक ने कहा कि कार्यशाला के दौरान सीखा कि कचरे से भी सुंदर चीजें बनाई जा सकती है। कार्यशाला के दौरान पेपर से फूल और तितली बनानी सीखी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं से बच्चों की प्रतिभा विकसित होती है। आज के बच्चे इस देश का भविष्य हैं, राष्ट्र की उन्नति और प्रगति के कर्णधार हैं। ये ही बच्चे कल बड़े होकर बड़े-बड़े ओहदों पर पहुंचकर इस देश का नाम रोशन करेंगे।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि संकुल केंद्र मठाली के सी.आर.पी. सुमित कुमार चौधरी, विशिष्ट अतिथि नरेश कुमार, सतेश्वरी देवी, अनीता देवी द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव थपलियाल, सहायक अध्यापिका ज्योति बौठियाल ने बैज अलंकरण एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यशाला का संचालन ग्राम मेरुड़ा निवासी श्रीमती राखी ध्यानी ने किया। एम.एस.सी. रसायन विज्ञान की डिग्री धारक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही श्रीमती राखी ध्यानी ने बच्चों को अपशिष्ट सामग्री से सर्वोत्तम कलाकृतियां, कागज मोड़ कला एवं रंगों का वैज्ञानिक संयोजन सिखाया। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि सुमित कुमार चौधरी ने कहा कि “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल मंत्र ‘समुदाय की सहभागिता’ है। श्रीमती राखी ध्यानी जैसी शिक्षित युवतियों का आगे आना ‘वोकल फॉर लोकल’ की सच्ची मिसाल है। अतिथियों ने विद्यालय परिसर, पुस्तकालय एवं “बाल दीवार पत्रिका” की विशेष सराहना की। प्रधानाध्यापक राजीव थपलियाल ने बताया कि विद्यालय भविष्य में भी प्रतिभा दिवस एवं अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर छात्र-छात्राओं में रचनात्मकता की अभिवृद्धि हेतु इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जायेगें।

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