जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर पब्लिक इंटर कॉलेज सुरखेत में छात्र-छात्राओं द्वारा वनाग्नि रोकथाम के उद्देश्य से विद्यालय परिसर एवं वृक्ष वाटिका में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर के चारों ओर फैले पिरूल एवं अन्य खरपतवार को एकत्रित कर उनका सुरक्षित निस्तारण किया।
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के गढ़वाल मंडल कार्यक्रम समन्वयक पुष्कर सिंह नेगी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 22 मई को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी पर मौजूद सभी जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों एवं पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2000 में इस दिवस को आधिकारिक रूप से मनाने की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध वैज्ञानिक एडवर्ड ओसबोर्न विल्सन को “जैव विविधता का जनक” माना जाता है। इस वर्ष विश्व जैव विविधता दिवस की थीम “वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य” निर्धारित की गई है। यह थीम इस बात पर केंद्रित है कि जैव विविधता संरक्षण हेतु स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। पुष्कर सिंह नेगी ने कहा कि जैव विविधता मानव अस्तित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह हमें भोजन, स्वच्छ हवा, पानी, औषधीय जड़ी-बूटियां तथा स्थिर जलवायु प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण एवं वनाग्नि रोकथाम के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर यूथ एवं ईको क्लब, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) तथा एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र “सैर सलीका” के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों ने फायर सीजन के दौरान जंगलों को आग से बचाने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर के आसपास आंधी-तूफान से गिरे पिरूल एवं अन्य ज्वलनशील खरपतवार को एकत्रित कर उनका निस्तारण किया।