जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : हरिद्वार वन प्रभाग में दो बाघों को जहर देकर मारने के मामले के सामने आने के बाद लैंसडौन वन प्रभाग भी सतर्क हो गया है। संभावित वन्यजीव अपराधों पर रोक लगाने के लिए प्रभाग में सघन चेकिंग एवं रात्रि गश्त अभियान तेज कर दिया गया है।
प्रभागीय वनाधिकारी जीवन मोहन दगाड़े के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने बिजनौर वन क्षेत्र की सीमा से सटी कोटड़ी रेंज में रात्रि गश्त की। इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी स्वयं पूरे स्टाफ के साथ मौके पर मौजूद रहे और कोल्हू एवं बगनाला अनुभाग का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कर्मचारियों को एंटी-पोचिंग से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अंतर-प्रभागीय समन्वय के तहत लैंसडौन वन प्रभाग और कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनकर्मियों ने संयुक्त रूप से पाखरो और मोरघट्टी रेंज तक रात्रि गश्त की। इस दौरान दोनों वन प्रभागों के वन क्षेत्राधिकारी एवं अन्य स्टाफ भी मौजूद रहे। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए गश्त और निगरानी को और अधिक सख्त किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके।