कोलकाता, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुलडोजर से एक दफ्तर को गिराए जाने के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. यह दफ्तर दक्षिण 24 परगना के अमतला में स्थित है, जो कि सांसद (अभिषेक बनर्जी) के निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है. यह दफ्तर लीप्स एंड बाउंड्स के नाम से रजिस्टर्ड है.
उनका आरोप है कि जमीन के वैध दस्तावेज होने के बावजूद बीजेपी नेताओं की मौजूदगी में इस दफ्तर को ढहा दिया गया. इस मामले में तुरंत अदालती हस्तक्षेप की मांग करते हुए रविवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई. हाई कोर्ट के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की सुनवाई जस्टिस राजा बसु चौधरी की बेंच द्वारा किए जाने की संभावना है.
इससे पहले शनिवार, 18 जुलाई को अभिषेक बनर्जी ने इस दफ्तर को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपोब्रत चक्रवर्ती को एक पत्र भी लिखा था. विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद अभिषेक के अमतला स्थित दफ्तर पर हमला हुआ था. पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण टीएमसी नेता को हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा था.
यह मामला जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच के सामने लिस्ट था, लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी थी. इसी बीच, अमतला में अभिषेक बनर्जी की कंपनी लीप्स एंड बाउंड्स के मालिकाना हक वाले एक बहुमंजिला दफ्तर को कल बुलडोजर से ढहा दिया गया.
दूसरी ओर, प्रशासन का दावा है कि इस दफ्तर का निर्माण बिना किसी वैध बिल्डिंग प्लान या जरूरी मंजूरी दस्तावेजों के किया गया था. प्रशासन के मुताबिक, कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई की गई.
दफ्तर को पहला नोटिस 30 जून को भेजा गया था, जिसके बाद 7 जुलाई को दूसरा नोटिस जारी किया गया. इसके अतिरिक्त, अभिषेक को आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए 15 जुलाई को दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया था. आरोप है कि सांसद ने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया और न ही टीएमसी नेता तय तारीख पर पेश हुए.