नई टिहरी। आईटीआई में पीएम विश्वकर्मा जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। पीएम विश्वकर्मा जागरूकता कार्यशाला में एमएसएमई के निदेशक डॉ. सुनील कुमार नेवार ने पारंपरिक कारीगरों की आजीविका को सुदृढ़ करने में पीएम विश्वकर्मा योजना की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से कारीगरों को कौशल विकास, वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच और संस्थागत सहयोग सहित विभिन्न सुविधाएं दी जा रही हैं। बैंक कर्मियों की ओर से वित्तीय सेवाओं और औपचारिक बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंचने के बारे में बताया गया। परियोजना प्रबंधन इकाई की दिव्या राणा ने कारीगरों को व्यवसाय संवर्धन, कंटेंट निर्माण, उत्पाद डिजाइन, मार्केटिंग और ग्राहक सहभागिता में एआई के उपयोग की जानकारी दी। कारीगरों के उत्पादों की बेहतर प्रस्तुति, ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं बाजार में उत्पादों की मांग बढ़ाने से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी गई। कार्यशाला में 10 से अधिक पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों का आईपीपीबी डिजिटल भुगतान सेवा के लिए पंजीकरण कराया गया। बताया गया कि पीएम विश्वकर्मा योजना कारीगरों को टिकाऊ और बाजारोन्मुखी उद्यम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।