बड़ा सवाल कहां से उपचुनाव लड़ेंगे सीएम तीरथ

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत दो दिन से दिल्ली में हैं। बुधवार को भाजपा हाईकमान ने अचानक उन्हें बुधवार को दिल्ली बुलाया था। इस दौरान बुधवार को तय कार्यक्रम को सीएम तीरथ ने रद कर दिया था। इसके बाद वह दिल्ली रवाना हो गए। दिल्ली में बुधवार को सीएम तीरथ ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। गुरुवार को सीएम तीरथ ने अपने उपचुनाव पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले की अटकलों पर विराम दे दिया। आपको बता दें कि नैनीताल में भाजपा की राज्य इकाई के तीन दिवसीय विचार-विमर्श सत्र के समापन के तुरंत बाद पार्टी हाईकमान ने उपचुनाव की रणनीति पर विचार करने के लिए दिल्ली बुला लिया था। तब से अटकलें लगाई जा रही हैं कि केन्द्रीय नेतृत्व उपचुनाव पर अंतिम निर्णय लेगा। तीरथ सिंह रावत सीएम चुने जाने से पहले पौड़ी से वह संसद सदस्य थे। तीरथ सिंह रावत के अचानक दिल्ली बुलाए जाने को लेकर उत्तराखंड के भाजपा नेताओं ने चुप्पी साधे रखी। दावा किया जा रहा है कि सीएम तीरथ को 2022 विधानसभा चुनाव से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया है। हालांकि पार्टी के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केन्द्रीय नेताओं नड्डा और अमित शाह से मिलने के बाद वह चुनाव आयोग का दौरा करके उपचुनाव के लिए आवश्यक कदमों का पालन कर सकते हैं। उत्तराखंड विधानसभा की दो सीटों पर उपचुनाव होना है। बताया जा रहा है सीएम तीरथ सिंह रावत गंगोत्री सीट से उपचुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि फिलहाल चुनाव आयोग की उपचुनाव पर रोक लगी है।
नियमों के मुताबिक मुख्यमंत्री को 10 सितंबर से पहले चुनकर आना है। नियम के अनुसार उपचुनाव की अधिसचूना पांच अगस्त से पहले की जानी है। हालांकि उत्तराखंड में भाजपा नेताओं ने यह कहकर अटकलों को शांत करने की कोशिश की कि सीएम 2022 के विधानसभा चुनावों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए गए थे। पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि अगेल विधानसभा चुनाव के साथ ऐसे कई मुद्दे होने चाहिए जिन पर चर्चा करने की जरूरत है। जहां तक अटकलों का सवाल है वे हमेशा किसी भी राजनीतिक व्यक्तित्व के आसपास होते हैं।

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