वन्यजीवों के बढ़ते आतंक के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, डीएफओ को सौंपा ज्ञापन

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लैंसडौन, यमकेश्वर समेत विभिन्न क्षेत्रों में गुलदार-भालू के हमलों पर जताया आक्रोश
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लैंसडौन, यमकेश्वर समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को आक्रोश जताते हुए लैंसडौन वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वन्यजीवों से ग्रामीणों को सुरक्षा दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।


जिलाध्यक्ष विकास नेगी एवं महानगर अध्यक्ष मीना बछुवाण के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता वन प्रभाग कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोटद्वार, लैंसडौन, यमकेश्वर, रिखणीखाल, नैनीडांडा और पोखड़ा समेत कई क्षेत्रों में गुलदार और भालू की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। गुलदार के हमलों और आबादी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। जिलाध्यक्ष विकास नेगी ने कहा कि कोटद्वार के सनेह क्षेत्र में गुलदार की लगातार सक्रियता के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पूर्व में भी गुलदार और भालू के हमलों में कई लोग घायल हो चुके हैं। वन्यजीवों द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से ग्रामीणों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है। वहीं हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने से खेतों, बाग-बगीचों और अन्य कृषि संसाधनों को नुकसान हो रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आबादी क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही रोकने के लिए दीर्घकालिक और प्रभावी कार्य योजना तैयार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आबादी के आसपास उगी लैंटाना जैसी झाड़ियों का व्यापक स्तर पर उन्मूलन कराया जाए, ताकि वन्यजीवों को छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाने न मिल सकें। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, कैमरा ट्रैप और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। ज्ञापन में वन्यजीवों के हमलों में मृतकों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा घायलों एवं प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा देने की मांग की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और वन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। इस अवसर पर प्रवीण रावत, डॉ. चंद्रमोहन खर्कवाल, शूरवीर खेतवाल, धीरेंद्र बिष्ट, रूचि कैंत्यूरा, राजीव कपूर, धर्मेंद्र रावत, नत्थू सिंह अधिकारी, अनिल गुसाईं, शिवम भूषण, प्रदीप नेगी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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