नौगांव (उत्तरकाशी)। डेढ़ दशक से भू-धंसाव और भूस्खलन की समस्या झेल रहे नगर पंचायत के डाबरा तोक में अब हरियाली से समाधान तलाशने की कवायद की गई है। अपर यमुना वन प्रभाग की मुंगरसंति रेंज ने दो हजार बीज बम का छिड़काव कर प्रकृति आधारित संरक्षण अभियान की शुरुआत की है। उद्देश्य ऐसा हरित आवरण तैयार करना है जो भविष्य में मिट्टी को बांधे और भूस्खलन की तीव्रता को कम करने में मदद करे। अभियान के तहत जूनियर हाईस्कूल धारी वल्ली के छात्रों ने बीज बम को भूस्खलन प्रभावित ढलानों पर फैलाया। वन विभाग का मानना है कि विकसित होने वाला हरित आवरण ढलानों को प्राकृतिक मजबूती देगा और मिट्टी के कटाव को कम करेगा। वन क्षेत्राधिकारी विवेक चौहान ने बताया कि बीज बम तकनीक उन क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी है जहां सामान्य पौधारोपण कठिन होता है। कम लागत में बड़े क्षेत्र को हरित बनाने का यह प्रभावी तरीका है और स्थानीय लोगों की भागीदारी से इसके बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। अभियान से पहले छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता रैली निकाली। नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि डाबरा तोक लंबे समय से भू-धंसाव के कारण संवेदनशील बना है। ऐसे में यदि बीज बम अभियान सफल रहता है तो यह न केवल क्षेत्र बल्कि अन्य भूस्खलन प्रभावित इलाकों के लिए भी एक उपयोगी मॉडल साबित हो सकता है।