पत्थर-अंडे फेंके, हेलमेट पहनाकर बचाया
कोलकाता, सोनारपुर के कमागाजी में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ है। चुनाव के बाद हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे टीएमसी नेता पर प्रदर्शनकारियों ने कच्चे अंडे फेंके और उनके साथ मारपीट की। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाई. उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तुरंत हेलमेट पहनाय गया लेकिन इसके बाद भी उनपर मुक्के से वार किया गया। हालात बिगड़ते देख और सुरक्षा घेरे के बीच वहां से अभिषेक बनर्जी को निकाला गया। इससे पहले अभिषेक पर घूंसे बरसाए और कपड़े तक फाड़ दिए। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि टीएमसी सांसद को खुद की सुरक्षा के लिए क्रिकेट खेलने वाला हेलमेट पहनना पड़ा।इस दौरान भीड़ की तरफ से उन पर लगातार अंडे और जूते फेंके गए और ‘ (चोर-चोर) तथा ‘गो बैक’ के नारे लगाए गए।
आज अभिषेक बनर्जी का कार्यक्रम चुनाव बाद हुई हिंसा में मारे गए कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलने का था। वे कोलकाता के बेलेघाटा होते हुए दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर जा रहे थे। रास्ते में उनके कालीघाट स्थित आवास पर सीआईडी ने उन्हें नोटिस भी थमाया था।
सोनारपुर पहुंचने से पहले ही पाटुली के ढलाई ब्रिज से लेकर कमराबाद तक भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय महिलाएं हाथों में काले झंडे और अंडे लेकर खड़ी थीं। भारी विरोध प्रदर्शन और रास्ता ब्लॉक होने के कारण अभिषेक बनर्जी अपनी चार पहिया गाड़ी से उतर गए और एक कार्यकर्ता की मोटरसाइकिल (बाइक) पर सवार होकर आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनकी बाइक को घेर लिया। जैसे ही अभिषेक बनर्जी बाइक से सोनारपुर के भीतर दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे, प्रदर्शनकारियों ने उन पर शारीरिक हमला कर दिया। अभिषेक बनर्जी किसी तरह संजू कर्मकार के घर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की, जहां मृतक के परिजन पूरी तरह बदहवास हालत में दिखे। इस घटना के बाद से दक्षिण 24 परगना और कोलकाता के राजनीतिक गलियारों में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
इधर मामले पर मीडिया कर्मियों से बातचीत में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि, मुझे जान से मारने की कोशिश चल रही है, मैं भी इसका अंत देखकर छोड़ूंगा’ उन्होंने कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार सूचित किए जाने के बावजूद मौके पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। अभिषेक ने कहा, “अभी सरकार बने एक महीना भी नहीं हुआ है और राज्य की यह स्थिति हो गई है। पुलिस को बार-बार बताने के बाद भी ऐसी परिस्थिति बनी। यहाँ मौके पर एक भी पुलिसवाला मौजूद नहीं था।”
उन्होंने दावा किया कि जब वे मृतक कार्यकर्ता के घर के भीतर थे, तब बाहर खड़ी उग्र भीड़ ने घर का दरवाजा तक तोड़ने की कोशिश की।
टीएमसी सांसद अभिषेक ने साफ किया कि वे आज के इस जानलेवा हमले और सुरक्षा में हुई भारी चूक को लेकर बहुत जल्द अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं से अपील की कि जहां भी ऐसी हिंसक घटनाएं या हमले हों, तुरंत उसका वीडियो या विवरण पुलिस को व्हाट्सएप पर भेजें ताकि भविष्य के लिए पुख्ता रिकॉर्ड रहे। इस हमले के बाद तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर इस घटना की तीखी निंदा की और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
कुणाल घोष ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा:”सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले और अभद्रता का मैं तीव्र विरोध करता हूं। सुरक्षा हटाकर इस तरह के हमले कराने का हश्र हम पहले ‘राजीव गांधी’ के समय देख चुके हैं। आज फिर वही प्रवृत्ति दिखाई दे रही है। आखिर यह सब कैसे हुआ? पुलिस प्रशासन उस वक्त क्या कर रहा था? क्यों अभिषेक को घेरकर इतने लंबे समय तक यह तांडव चलने दिया गया?”