नई टिहरी()। लंबगांव थाना क्षेत्र के ग्राम देवल निवासी अनुसूचित जाति के केतन लाल (18) के शव को परिजनों ने जिला अस्पताल बौराड़ी में पोस्टमार्टम के 24 घंटे बाद उठाकर अंतिम संस्कार किया। उन्होंने इस जघन्य हत्याकांड में शामिल दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। पुलिस प्रशासन, समाज कल्याण मंत्री खजान दास और अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतक के पिता को भरोसा दिया कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी।
प्रतापनगर के देवल गांव निवासी केतन लाल पुत्र धनपाल लाल का पड़ोसी गांव खोलगढ़ वल्ला की सामान्य जाति की एक किशोरी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इससे किशोरी के परिजन खासे नाराज थे। आरोप है कि किशोरी ने सात जून को केतन लाल को धोखे से रात में अपने घर बुलाया। जैसे ही केतन अपने साथी दिवाकर डिमरी के साथ किशोरी के घर पहुंचे उसके पिता यशवीर सिंह पंवार समेत अन्य लोगों ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया।
वहां रातभर डंडे से उनकी पिटाई की गई। आठ जून को अस्पताल ले जाते समय केतन की मौत हो गई थी। लंबगांव पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बौराड़ी भेजा। नौ जून को सुबह 11 बजे डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कर दिया था लेकिन परिजनों और भीम आर्मी के लोगों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने, एक करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी समेत कई अन्य मांगें पूरी होने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार करने पर अड़ गए।
10 जून को एएसपी दीपक कुमार, सीओ चंद्रमोहन सिंह,कोतवाल एश्वर्यपाल, एलआईयू निरीक्षक शैलेश राणा ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि उनका मांग पत्र डीएम ने शासन को भेज दिया है। घटना में शामिल दो आरोपियों को जेल भेजा गया है जबकि कुछ को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
समाज कल्याण मंत्री, घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह, एससी आयोग के अध्यक्ष ने भी मृतक केतन के पिता से मोबाइल पर बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया। उसके बाद परिजन 24 घंटे बाद शव को बौराड़ी अस्पताल से अंतिम संस्कार के लिए ले गए। कोटीकॉलोनी में गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया।