जोशीमठ के पुनर्वास होने तक बदरीनाथ में मास्टर प्लान स्थगित कारण की मांग

Spread the love
Backup_of_Backup_of_add

नई टिहरी। बदरीनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों की शीर्षस्थ संस्था श्री बदरीश पंडा पंचायत ने प्रति का दंश झेल रहे जोशीमठ के पुनर्वास होने तक बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान स्थगित करने की केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है। श्री बदरीश पंडा पंचायत समिति के अध्यक्ष प्रवीन ध्यानी तथा सचिव रजनीश मोतीवाल ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा उत्तर में ज्योर्तिपीठ की स्थापना के साथ ही भगवान बदरी विशाल को पुनर्स्थापित किया था। वर्तमान में मानवीय, सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से जोशीमठ की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। सुरक्षित यात्रा हेतु जोशीमठ को आपदा रहित बनाना होगा। बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत तीर्थ पुरोहित समाज की भूमि व भवन अधिग्रहण के मामले अभी किसी प्रकार की सहमति तक नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के नाम पर की जा रही तोड़ फोड़ से यहां आने वाले श्रद्घालुओं की मुश्किल वैसे ही बढ़ी हुई हैं। पिछले वर्ष रिकर्ड 17 लाख यात्री बदरीनाथ धाम दर्शन को पहुंचे थे। धाम में यात्रियों के दबाब को कम करने के लिए अधिकांश यात्रियों को जोशीमठ वापस भेजा गया। जोशीमठ की स्थिति देखते सरकार को सुरक्षित यात्रा हेतु नये ढंग से विचार करना चाहिए। बरसात के मौसम में यात्रियों की विशेष सुरक्षा पर ध्यान दिया जाना चाहिए। श्री बदरीश पंडा पंचायत ने बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान के बजट को जोशीमठ की आपदा पीड़ित जनता के पुनर्वास में लगाने की मांग की है। तीर्थपुरोहितों ने कहा कि बदरीनाथ और जोशीमठ के विस्थापितों का दर्द एक जैसा है, जिन्हे अपनी पैत्रिक भूमि भवन विवश होकर छोड़ने पड़ रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!