उत्तराखंड

गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की

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उत्तरकाशी। भारतीय गो क्रांति मंच के संस्थापक और प्रख्यात गो कथा वाचक हिमालय पीठ गोपाल मणि महाराज ने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की है। कहा कि गो माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए उनकी लड़ाई विशुद्घ है। शनिवार को पंजबा सिंह क्षेत्र में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान गो-कथा वाचक गोपाल मणि महाराज ने कहा कि भारतीय संस्ति की मूल आधार गो और गंगा है। समस्त वेद, पुराण, उपनिषदों में गाय विश्व की माता है की महिमा उल्लेखित है। भारतीय गो क्रांति मंच सनातन धर्म की मूल आधार गो को राष्ट्रमाता का संवैधानिक सम्मान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार को जगाने के लिए दिल्ली और अन्य जनपदों में गो के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए जनजागरण, रैलियां कर चुके हैं, लेकिन उनकी मांग पर गोर नहीं किया गया। कहा कि मंच की पहल पर प्रदेश में वर्ष 2018 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने गो को राष्ट्रमाता घोषित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को प्रेषित किया था। लेकिन उक्त प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। कहा कि कहा कि हम राम कथा, भागवत कथा, देवी भागवत, पुराणों के आधार पर गोमाता को सिद्घ कर रहे हैं। भारत सरकार घ्अविलंब गाय को सम्मान प्रदान करे। गाय को सम्मान दिलाने की हमारी लड़ाई विशुद्घ धार्मिक है। कलयुग में ध्यान, योग, पूजा सफल नहीं है इसलिए हमने गोमाता का आंदोलन टेड़ा है।
चंद्र शेखर भट्ट बने गो क्रांति मंच के अध्यक्षरू शनिवार को पंजाब सिंह क्षेत्र में भारतीय गो क्रांतिमंच उत्तरकाशी की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें सर्व सहमति से चंद्रशेखर भट्ट अध्यक्ष व प्रताप रावत महामंत्री चुने गए। जबकि अतर सिंह भंडारी, महादेव प्रसाद नौटियाल, घ्घ्शिव प्रसाद व्यास, चंद्रशेखर नौटियाल, शांति प्रसाद भट्ट व संजय पंवार उपाध्यक्ष, राजीव सेमवाल, शिव प्रसाद भट्ट को सचिव नियुक्त किया गया।

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