उत्तराखंड

पानी के लिए धारचूला में खाली बर्तनों के साथ महिलाओं का प्रदर्शन

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पिथौरागढ़। भारत-नेपाल सीमा पर बसे विभिन्न गांवों में गर्मी शुरू होते ही पानी का संकट खड़ा हो गया है। नलों में पानी न आने से महिलाएं कई किमी दूर प्रातिक स्रोतों से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझा रही हैं। महिलाओं का आरोप है कि प्रशासन का सूचना देने के बावजूद भी पेयजल व्यवस्था दुरस्त करने को कोई पहल नहीं हो रही है।
मंगलवार को फूलतड़ी की आक्रोशित महिलाओं ने खाली बर्तन हाथ में लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। पूर्व बीडीसी सदस्य विक्रम थलाल ने कहा कि देहात फुलतड़ी, निगालपानी, तल्ला धुरा, मल्ला धुरा के साथ ही नागलिंग व बालिंग में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। इससे बड़ी आबादी के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। हेमा देवी ने कहा नलों में पानी न आने से इन दिनों महिलाओं का अधिकतर समय पानी ढोहने में बीत रहा है। कहा कई दूर से पानी ढोकर वे अपनी प्यास बुझा रहे हैं। कहा पानी की किल्लत के कारण पालतु मवेशी भी परेशान हैं। कहा इंसानों के लिए ही पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है, ऐसे में मवेशियों को पानी की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है। कहा कई गांवों में करीब दो माह से पानी की आपूर्ति ठप है। इसके बाद भी प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। महिलाओं ने कहा अगर शीघ्र ही पेयजल की किल्लत दूर नहीं हुई तो वह ग्रामीणों को साथ लेकर तहसील कार्यालय में उग्र आंदोलन करेंगे।
ये रहे शामिल- हरना देवी, हीरा देवी, मानमती देवी, सावित्री देवी, पार्वती थलाल, कविता थलाल, पुष्पा देवी, देवकी देवी, बसंती देवी, जानकी देवी, बिमला देवी, हेमा देवी

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