मशीनें संवेदनशील स्थल पर तैनात रखने, त्वरित मार्ग बहाली एवं तकनीकी आंकलन के दिए निर्देश
जयन्त प्रतिनिधि।
रूद्रप्रयाग : जनपद में विगत रात्रि से रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण गुरुवार प्रात: तिलवाड़ा क्षेत्र में नगर पंचायत शौचालय के समीप स्थित बरसाती नाले से केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर भारी मात्रा में मलबा एवं बोल्डर आने की सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीनों की सहायता से युद्धस्तर पर मलबा हटाने का कार्य प्रारंभ किया गया। समयबद्ध कार्रवाई के परिणाम स्वरूप मार्ग को शीघ्र ही यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया तथा वाहनों की आवाजाही बिना किसी बड़े व्यवधान के संचालित होती रही। जिला प्रशासन ने आमजन एवं यात्रियों से अपील की है कि लगातार हो रही वर्षा के दृष्टिगत सतर्कता से यात्रा करें, संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें तथा प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।

स्थिति का जायजा लेने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा स्वयं मौके पर पहुंचे और प्रभावित स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर मार्ग बहाली कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिए कि इस संवेदनशील स्थल पर आवश्यक मशीनरी एवं मानव संसाधन की निरंतर तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि पुन: मलबा आने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए यातायात बाधित न होने दिया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बरसाती नाले के ऊपरी क्षेत्र का भी तकनीकी आकलन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नाले के ऊपरी हिस्से में यदि मलबा जमा है और उसके राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने की संभावना है, तो उसका विस्तृत निरीक्षण कर फोटोग्राफ सहित तकनीकी प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुरक्षा एवं स्थायी उपचारात्मक उपायों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि तिलवाड़ा क्षेत्र श्री केदारनाथ यात्रा का अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव है, यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक आवागमन करते हैं। ऐसे में इस मार्ग की निरंतर निगरानी, नियमित रखरखाव एवं त्वरित मार्ग बहाली सर्वाच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षाकाल के दौरान सभी संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा मशीनरी, उपकरण एवं आवश्यक संसाधन हर समय उपलब्ध रहें।