बालश्रम में लिप्त बच्चों के मामलों को गंभीरता से लें : डीएम

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अनाथ और एकल माता-पिता वाले बच्चों की सूची तैयार करें
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में डीएम ने कहा कि ड्रॉपआउट बच्चों की काउंसलिंग, अनाथ और एकल माता-पिता वाले बच्चों की सूची तैयार की जाए, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके। डीएम ने कहा कि बालश्रम में लिप्त बच्चों के मामलों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाए।
गुरुवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने बचाव व पुनर्वास की प्रक्रिया को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में कोई भी बच्चा शैक्षणिक, सामाजिक या मानसिक रूप से उपेक्षित न रहे। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में फंसे बच्चों के पुनर्वास के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि कोटद्वार में राजकीय महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र में बालिकाओं को स्कूल जाने, चिकित्सा, अन्य आपातकालीन सुविधाओं के लिए वाहन की आवश्यकता है। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा संज्ञान लेकर वाहन व्यवस्था के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला परिवीक्षा अधिकारी ने समिति के कार्यों, उद्देश्यों और गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. शिव मोहन शुक्ला, अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल, सहायक बाल विकास अधिकारी आशा रावत आदि शामिल रहे।

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