दो किमी सड़क के लिए दस साल से संघर्ष

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रुद्रप्रयाग। जिले की ग्राम पंचायत चौंडा-सिरांई में सड़क की मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने शुक्रवार को श्रमदान कर चौंडा-पालीगाड़-मुरचौंडा मार्ग का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इस दौरान गांव के बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे भी श्रमदान करने पहुंचे। करीब दो किलोमीटर मार्ग के लिए ग्रामीण पिछले दस वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान अजय पुंडीर ने कहा कि शासन-प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं होने पर ग्रामीण एकजुट हुए और फावड़ा समेत कई औजार लेकर खुद सड़क निर्माण में जुट गए। ग्रामीण यशोधर सेमवाल ने बताया करीब नौ वर्ष पहले जिला प्रशासन की ओर से मार्ग को स्वीकृति मिल गई थी लेकिन अब तक वन भूमि की स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इसके कारण सड़क निर्माण का कार्य आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने कहा कि सड़क सुविधा नहीं होने से गांव में पलायन की स्थिति बनी हुई है। आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी परेशानियां हो रही है। महिलाओं ने कहा कि यदि गांव में सड़क नहीं पहुंची तो वे आगामी चुनाव में परिणाम भुगतना पड़ेगा। गांव की आबादी 400 से अधिक है। इस दौरान उत्तराखंड क्रांति दल के नेता अर्जुन कंडारी अमन बागड़ी, कपिल राणा, यशोधर, लक्ष्मी प्रसाद डिमरी, रेखा देवी, पूनम देवी आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

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