देहरादून। उत्तराखंड में खनन पट्टों के आवंटन की प्रक्रिया एक बार फिर तेज हो गई है। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय ने राज्य के विभिन्न जनपदों में कुल 41 खनन लॉट के लिए ई-निविदा आमंत्रित की है। इनमें पुराने खनन लॉट की पुनर्निविदा के साथ-साथ कई नए खनन क्षेत्र भी शामिल किए गए हैं। निदेशालय की ओर से 19 अगस्त 2026 को जारी निविदा सूचना के बाद खनन कारोबार से जुड़े लोगों और इच्छुक बोलीदाताओं की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
यह पूरी प्रक्रिया उत्तराखंड उप-खनिज नियमावली-2023 के प्रावधानों के तहत संचालित की जा रही है। इच्छुक पात्र बोलीदाता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन तकनीकी और वित्तीय निविदा जमा कर सकेंगे। 38 खनन लॉट पांच वर्ष की अवधि के लिए
ई-निविदा में 5 हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल वाले कुल 38 खनन लॉट शामिल किए गए हैं। इन लॉटों के लिए खनन पट्टे की अवधि पांच वर्ष निर्धारित की गई है।
इनमें पौड़ी गढ़वाल के 16 पुनर्निविदा लॉट, पिथौरागढ़ के 5 लॉट, ऊधमसिंह नगर के 3 पुनर्निविदा और 4 नए लॉट, चम्पावत का 1 लॉट, रुद्रप्रयाग के 7 लॉट तथा बागेश्वर के 2 लॉट शामिल हैं। इन लॉटों के लिए निर्धारित पात्रता के अनुसार राज्य के मूल निवासी, समितियां, फर्म और कंपनियां बोली प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगी। इसके लिए बोलीदाताओं को निविदा दस्तावेज में निर्धारित सभी शर्तों और पात्रता मानकों को पूरा करना होगा। देहरादून समेत तीन बड़े खनन लॉट भी शामिल
ई-निविदा में 5 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले तीन बड़े खनन लॉट भी शामिल किए गए हैं। इनमें देहरादून के दो पुनर्निविदा लॉट तथा ऊधमसिंह नगर का एक नया लॉट शामिल है। इन बड़े खनन पट्टों के लिए पट्टे की अवधि 10 वर्ष निर्धारित की गई है। इन लॉटों के लिए भारत के नागरिकों के साथ-साथ पात्र समितियां, फर्म और कंपनियां निविदा प्रक्रिया में भाग ले सकेंगी।
देहरादून के दो खनन लॉट पुनर्निविदा में शामिल होने से जिले में खनन गतिविधियों से जुड़े कारोबारियों की भी इस प्रक्रिया पर विशेष नजर रहेगी।
तकनीकी और वित्तीय बिड ऑनलाइन
निदेशालय की ओर से खनन पट्टों के आवंटन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा गया है। इच्छुक बोलीदाताओं को पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत तकनीकी निविदा जमा करनी होगी। इसके बाद पात्र बोलीदाताओं की वित्तीय निविदा पर आगे की प्रक्रिया होगी। निविदा में शामिल लॉटों का विवरण, पात्रता, नियम-शर्तें, आवश्यक दस्तावेज, बोली प्रक्रिया और अन्य जानकारी संबंधित आधिकारिक ई-टेंडर पोर्टल तथा भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।
पुराने लॉट के साथ नए क्षेत्रों को भी मौका
इस बार जारी ई-निविदा में सरकार ने पुराने खनन लॉटों की पुनर्निविदा के साथ नए क्षेत्रों को भी शामिल किया है। इससे जहां पुराने पट्टों के लिए दोबारा प्रतिस्पर्धा होगी, वहीं नए खनन क्षेत्रों में भी इच्छुक फर्मों और कंपनियों को अवसर मिलेगा।
कुल 41 खनन लॉट की यह निविदा राज्य के खनन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब यह देखना होगा कि अलग-अलग जनपदों में इन लॉटों के लिए कितने बोलीदाता सामने आते हैं और निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद किन बोलीदाताओं को खनन पट्टे आवंटित किए जाते हैं।
सरकार की ओर से ई-निविदा प्रक्रिया के माध्यम से खनन पट्टों के आवंटन से पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, खनन गतिविधियों के दौरान नियमों के पालन, पर्यावरणीय मानकों और राजस्व से जुड़े प्रावधानों पर भी निगाह रहेगी।