उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में कई जगह लगे भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3़8 रही तीव्रता

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देहरादून। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी और नाचनी समेत कई हिस्सों में आज भूकंप के झटके महसूस किए गए। रविवार की सुबह 8रू58 पर भूकंप का झटका महसूस किया गया।
जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र पिथौरागढ़ जिले में 10 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3़8 मेग्नीट्यूड मापी गई है। आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार भूकंप से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
रिक्टर स्केल पर 2़0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2़0 से 2़9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3़0 से 3़9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
लाइट कैटेगरी के भूकंप 4़0 से 4़9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।

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