जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : श्री गुरु गोरखनाथ पर्यावरणीय संरक्षण एवं संवर्धन समिति की ओर से ग्राम ढुंगाधार में वृहद पौधारोपण अभियान एवं पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते बंजर खेतों पर चिंता व्यक्त करते हुए व्यापक स्तर पर पौधारोपण और बागवानी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बंजर खेतों में देवदार, बांज, सिल्वर ओक, आंवला, नीम, बेल, जामुन, पीपल, हरड़, बहेड़ा, तेजपत्ता, आम, अमरूद, नींबू और लीची सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों के रोपण से हुई। इसके बाद समिति के अध्यक्ष आर.पी. पंत की अध्यक्षता में वन एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। समिति के सदस्य अशोक नेगी ने संस्था की पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों की जानकारी देते हुए वनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों से परंपरागत खेती को हो रहे नुकसान के कारण ग्रामीण खेती छोड़ रहे हैं, जिससे खेत लगातार बंजर होते जा रहे हैं। कहा कि इन बंजर भूमि को फिर से उपयोगी बनाने के लिए बागवानी को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उमानंद बड़ोला ने लैंटाना, कालाबासा और गाजर घास जैसी आक्रामक प्रजातियों का जी-राम-जी योजना के तहत उन्मूलन कराने की मांग उठाई। वहीं प्रमोद कुमार डोबरियाल ने कहा कि पौधारोपण से अधिक महत्वपूर्ण लगाए गए पौधों का संरक्षण और नियमित देखभाल है। नवीन बड़ोला ने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए मिश्रित वनों के विकास पर जोर दिया। इस अवसर पर विनय रावत, प्रकाश हेमदान, सुनील नेगी, बलबीर सिंह बिष्ट, सच्चिदानंद पोखरियाल, मनमोहन बड़ोला, मनोज कुमार बड़ोला, हरि प्रसाद बड़ोला, दयाल बड़ोला और भारत भूषण सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।