इंग्लिश मीडियम स्कूल नए शैक्षिक सत्र से होंगे शुरू

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देहरादून। हर ब्लॉक में सीबीएसई से संबद्ध इंग्लिश मीडियम स्कूल के लिए सरकार ने समय सीमा तय कर दी। शिक्षा
मंत्री अरविंद पांडे ने दावा किया कि अगले साल एक अप्रैल 2021 से इन स्कूलों में शैक्षिक सत्र शुरू कर दिया जाएगा।
सोमवार को सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में मंत्री ने एक हफ्ते के भीतर कक्षा एक से 12 वीं तक
के लिए उपयुक्त इंटरकालेज को चिह्नित करने के निर्देश दिए। हर ब्लॉक में पहली से 12 वीं कक्षा तकका स्कूल बनना है।
ये स्कूल सीबीएसीई से सबद्ध होंगे। समग्र शिक्षा अभियान के एपीडी डॉ. मुकुल कुमार सती को इंग्लिश मीडियम स्कूल
प्रोजेक्ट का नोडल अफसर होंगे। बैठक में शिक्षा निदेशक आरके कुंवर, निदेशक सीमा जौनसारी, एडी रामकृष्ण उनियाल,
वीएस रावत, शशि चौधरी, कंचन देवराडी, अंबादत्त बलोदी, हरेराम यादव आदि मौजूद रहे।
गेस्ट टीचर को मिलेगा तबादले का मौका
शिक्षा मंत्री ने शिक्षा निदेशक को अतिथि शिक्षक को अंतरमंडलीय तबादले की सुविधा देने का प्रस्ताव बनाने के निर्देश
दिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अतिथि शिक्षकों का चयन राज्य स्तर पर किया गया था। इसमें एक जिले और मंडल से
दूसरे जिले और मंडल में भी नियुक्तियां हुई है। अतिथि शिक्षकों का मानदेय भी फिलहाल 15 हजार रुपये है। ऐसे में
महसूस हुआ है अपने क्षेत्र से दूर जिलों में वो पूरी क्षमता क साथ काम नहीं कर पा रहे। इसलिए उन्हें एक मंडल-जिला
परिवर्तन का मौका दिया जाएगा। मालूम हो कि वर्तमान में 2600 प्रवक्ता कैडर में 2600 और एलटी कैडर में करीब 600
अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं।
शिक्षा परिषद अफसरों का किया सम्मान
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यालयी शिक्षा परिषद के अधिकारियों और स्टाफ का सम्मान भी किया। वीडियो
कांफ्रेसिंग के जरिए ही उन्होंने रामनगर बोर्ड के अफसरों कीतारीफ की। उन्होंने कहा कि जहां सीबीएसई और आईसीएसई
छूटी हुई बोर्ड परीक्षाएं नहीं करा पाए हैं। वहीं उत्तराखंड बोर्ड के अफसरों ने बेहद कुशलता से सभी परीक्षाओं को पूरा
कराया।
प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर ब्लॉक में इंग्लिश मीडियम स्कूल इसी
के तहत बनाने की तैयारी है। जल्द ही इसका प्रस्ताव कैबिनेटम में लाया जाएगा। -अरविंद पांडे, शिक्षा मंत्री
अतिथि शिक्षक संघ ने जताया आभार
देहरादून। अतिथि शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के फैसले का स्वागत किया है। संघ के महामंत्री के दौलत
जगूड़ी ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में कई लोगों को अपने गृहजनपद से दूसरे जिलों में नियुक्ति मिली थी। कम मानदेय
होने की वजह से ऐसे अतिथि शिक्षकों के सामने काफी मुश्किले आ रही है। यदि उन्हें अपने मूल जिलों में आने का
मौका मिलेगा तो वो ज्यादा बेहतर और मनोयोग से सेवाएं दे पाएंगे।

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