पर्यावरण मित्रों के कार्यबहिष्कार को पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति ने दिया समर्थन
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : समय पर मानदेय नहीं मिलने से नाराज पर्यावरण मित्रों ने गुरूवार को नगर पालिका कार्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। पर्यावरण मित्रों की नगर पालिकाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी के साथ भी वार्ता विफल रही। पर्यावरण मित्रों ने चेतावनी दी कि जल्द समस्याएं हल नहीं होने पर आंदोलन को उग्र किया जाएगा। पर्यावरण मित्रों के कार्यबहिष्कार को पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति ने समर्थन दिया है। समिति के संयोजक नमन चंदोला ने कहा कि यह केवल मजदूरों का आंदोलन नहीं, बल्कि पौड़ी की गरिमा और स्वाभिमान की लड़ाई है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से तुरंत वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की है।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ ने आउटसोर्स पर्यावरण मित्रों को समय पर मानदेय नहीं मिलने से नाराज होकर कार्यबहिष्कार गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रखा। गुरुवार को पर्यावरण मित्रों ने कार्यबहिष्कार करते हुए पालिका कार्यालय में तालाबंदी कर दी। इस दौरान पर्यावरण मित्रों ने पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि नगर पालिका में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत पर्यावरण मित्रों का मानदेय महीने की 15 से 20 तारीख तक आता है, जिससे आउटसोर्स से नियुक्त पर्यावरण मित्रों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार समस्या के हल की गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी व अधिशासी अधिकारी के साथ पर्यावरण मित्रों की वार्ता हुई, लेकिन वार्ता में कोई निर्णय नहीं निकलने पर पर्यावरण मित्रों ने कार्यबहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया। पर्यावरण मित्रों ने संबंधित ठेकेदार का टेंडर निरस्त करने, आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए अलग से टीम गठित करने, एनपीएस कर्मचारी के एनपीएस का पूरा पैसा उनके खाते में जमा करने के साथ ही आउटसोर्स पर्यावरण मित्रों की समस्या निराकरण की मांग उठाई। कहा कि जल्द समस्याओं का हल नहीं होने पर शुक्रवार से पूरे शहर में सफाई व्यवस्था बंद कर दी जाएगी। कार्यबहिष्कार करने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष प्रवीन कुमार घाघट, नगर अध्यक्ष मुकेश डिंगिया, जिला सचिव संजीव रिजौरा, नगर सचिव राहुल टांक, राजू रेडियान, सुनील राजवंशी, सियानंद, दीपा, विमला, कमला देवी, विपिन रानी, कमला रानी आदि मौजूद रहे।