वैक्सीनेशन को बने समान नीति

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नई टिहरी। भाकपा ने प्राइवेट क्षेत्र के लिए 25 प्रतिशत वैक्सीन रखने के फैसले को वापस करने की मांग की है। केन्द्र सरकार सभी वैक्सीन को खरीदने की जिम्मेदारी लेने और वैक्सीनेशन की समान नीती बनाने की मांग की है। भाकपा के राज्य कमेटी सदस्य भगवान सिंह रांगड़ व जिला सचिव जगमोहन रांगड़ ने कहा कि मोदी सरकार को विपक्ष के मजबूत विरोध, राज्य सरकारों के दबाव और सुप्रीम कोर्ट की आलोचना के बाद अपनी दोषपूर्ण और कारपोरेट परस्त वैक्सीन नीति को वापस लेने पर विवश होना पड़ा है। बावजूद इसके 25 प्रतिशत वैक्सीन अभी भी प्राइवेट क्षेत्र के लिए सुरक्षित रखी गई है। इस प्रकार असफल वैक्सीन पालिसी पूरी तरह से वापस नहीं ली गई है। दो प्रकार की पालिसी अभी भी कायम है। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में, विगत अर्से में वैक्सीनेशन की कमियों को लेकर राज्य सरकारों को दोष मढ़ने की जो कोशिश की है। देश का जनगण उसे स्वीकार नहीं करेगा। 25 प्रतिशत वैक्सीन को प्राइवेट क्षेत्र के लिए सुरक्षित रखना, प्राइवेट क्षेत्र को लूट का लाइसेंस देने जैसा है। जब वैक्सीन की भारी कमी बनी हुई है। ऐसे में पूर्व की पॉलिसी के एक हिस्से के बने रहने के चलते,संभावित तीसरी कोरोना लहर को रोकने के लिए सार्वभौमिक वैक्सीनेशन अभियान कमजोर पड़ेगा।

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