नैनो यूरिया के प्रयोग से खेती की उर्वरकता को मिलेगा फायदा

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चमोली। जिला सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि फसलों में दानेदार यूरिया के प्रयोग से कई दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं। ऐसे में दानेदार यूरिया के बजाए नैनो यूरिया के प्रयोग से इन दुष्प्रभाओं को काफी कम कर सकते हैं। इस दौरान मोटे अनाज की अच्छी खरीद पर गैरसैंण, नारायणबगड़ और थराली समितियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मौजूद समीतियों के सचिव, उर्वरक विक्रेता एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को बताया गया कि 500 एमएल नैनो यूरिया 45 किग्रा दानेदार यूरिया के बराबर काम करता है। इफको देहरादून की षि स्नातक निहारिका पांडे ने नैनो यूरिया के प्रयोग और प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया। वहीं मुख्य षि अधिकारी वीपी मौर्य ने कहा कि पारंपरिक खेती को आधुनिक खेती में बदलकर ही व्यवसायिक षि की जा सकती है। कार्यक्रम में सहायक निबंधक योगेश्वर जोशी ने कहा कि नैनो यूरिया का बिक्रय जहां किसानों को कम दुष्प्रभाव वाली फसल देगा वहीं समिति को कमाई का एक साधन भी उपलब्ध कराएगा। जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक एस सिंह ने बैंक द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी कार्यक्रम में दी। इस दौरान सहित समितियों के सचिव और अन्य कर्मचारी, अधिकारी मौजूद थे।

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