कोटद्वार-पौड़ी

गुलदार की धमक, विद्यार्थियों को स्कूल छोड़ने जा रहे वन कर्मी

Spread the love
Backup_of_Backup_of_add

दुगड्डा बाजार व आसपास के क्षेत्र में बने है गुलदार की दहशत
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार: दुगड्डा बाजार और इसके आसपास गुलदार और बाघ की सक्रियता से लोगों में दहशत बरकरार है। प्रभावित क्षेत्र में बच्चों को स्कूल छोड़ने और लाने के समय वन विभाग की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा बरती जा रही है। सतर्कता बरतते हुए वन कर्मी स्कूली बच्चों को समूह में स्कूल छोड़ते हैं और वहां से ला रहे हैं। उधर, लैंसडौन में भी गुलदार के साथ ही बाघ आबादी क्षेत्र तक धमक रहा है जिससे लोगों में भय बना है।
दुगड्डा से फतेहपुर मोड़ की ओर करीब दो किमी आगे बाइक सवारों और वाहनों पर गुलदार के हमले की कई घटनाओं से ग्रामीण डरे हुए हैं। अभिभावक बच्चों को हाईवे के रास्ते अकेले स्कूूल भेजने से डर रहे हैं। वन विभाग की सलाह पर क्षेत्रवासी स्कूली बच्चों को समूह में लाने और ले जाने का काम कर रहे हैं। वन विभाग के कर्मचारी जहां लगातार गश्त कर रहे हैं, वहीं खतरे वाले स्थानों पर वन कर्मियों के संरक्षण में स्कूली बच्चों को भेजा जा रहा है। दुगड्डा के रेंज अधिकारी प्रमोद डोबरियाल ने बताया कि दो तीन दिन से गुलदार की मूवमेंट नहीं दिखी है लेकिन खतरे की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। उधर, लैंसडौन के कुली मोहल्ला के साथ ही कालेश्वर मंदिर मार्ग पर कई लोगों को दिन दहाड़े बाघ दिखने से दहशत बनी हुई है। राम बहादुर नेपाली ने बताया कि कुली मोहल्ला और सरस्वती शिशु मंदिर के पास के क्षेत्र में बाघ सक्रिय है। स्थानीय लोग काफी दिन से गुलदार और बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग ने अभी तक यहां पिंजरा नहीं लगाया है। वहीं रेंज अधिकारी बीडी तिवारी ने बताया कि पिंजरा लगाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!