ढालवाला। तीर्थनगरी में गंगा की लहरों पर राफ्टिंग का रोमांच शुरू होते ही पर्यटन गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। मुनिकीरेती, ढालवाला, लक्ष्मणझूला और तपोवन में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत देशभर से पर्यटकों की आमद बढ़ने लगी है। विदेशी सैलानी भी राफ्टिंग का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। हालांकि, पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ हर राफ्टिंग सीजन में सामने आने वाली यातायात की समस्या भी फिर शुरू हो गई है।
सीजन के पहले दिन सुबह से ही मुनिकीरेती की सड़कों पर राफ्टिंग वाहनों की आवाजाही बढ़ गई। पिकअप, जिप्सी और ट्रकों में राफ्ट लादकर शिवपुरी, ब्रह्मपुरी और कौड़ियाला समेत विभिन्न राफ्टिंग प्वाइंटों की ओर ले जाए गए। पर्यटकों और गाइडों की चहल-पहल से क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, परिवहन और राफ्टिंग कारोबार से जुड़े लोगों को भी सीजन से अच्छे कारोबार की उम्मीद है। वहीं, पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के साथ मुनिकीरेती और ऋषिकेश में यातायात का दबाव भी बढ़ गया। मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण, सड़क किनारे खड़े वाहन और राफ्ट लदे वाहनों की बढ़ी आवाजाही के कारण कई जगह जाम की स्थिति बनी। इसका असर केवल तीर्थनगरी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ऋषिकेश गढ़वाल के कई गांवों के लिए प्रमुख संपर्क केंद्र होने के कारण पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले मार्गों पर भी पड़ता है।
राफ्टिंग सीजन में हर वर्ष यातायात का दबाव बढ़ना आम समस्या है, लेकिन इसके बावजूद पार्किंग, यातायात प्रबंधन और अतिक्रमण को लेकर स्थायी एवं प्रभावी इंतजाम नहीं हो पाए हैं। ऐसे में पर्यटन सीजन के साथ बढ़ते यातायात को संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।