देहरादून। विकासखंड चकराता के देवघार खत की सैंज पंचायत में बशलाड से उदतरोट खेड़ा तक करीब डेढ़ किमी बिना अनुमति सड़क निर्माण का मामला सामने आया है। प्रशासन के संज्ञान में मामला आने के बाद राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम दो दिन से स्थलीय जांच में जुटी है। सरकारी भूमि समेत वन संपदा को हुए नुकसान की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2023 में मेरा गांव मेरी सड़क योजना के तहत बरनाड खड्ड हाली से बशलाड खेड़ा तक एक किमी मार्ग निर्माण को स्वीकृति मिली थी। करीब 74 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत सड़क के तहत वर्ष 2024 में तत्कालीन प्रधान के कार्यकाल में बरनाड खड्ड से बशलाड के बीच करीब 500 मीटर कटिंग की गई थी। शेष 500 मीटर मार्ग का निर्माण वर्तमान प्रधान की देखरेख में किया जा रहा है। खंड विकास अधिकारी चकराता राकेश बिष्ट ने बताया कि स्वीकृत एक किमी मार्ग के लिए अब तक 24 लाख रुपये का भुगतान हुआ है। जबकि बशलाड से आगे उदतरोट खेड़ा तक करीब 500 मीटर मार्ग के निर्माण की जानकारी ब्लॉक कार्यालय को नहीं है और स्वीकृत मार्ग से अतिरिक्त निर्माण से विभाग का कोई लेना-देना नहीं है। एडीएम प्रशासन स्मृता परमार और डीएफओ चकराता अमित कंवर के निर्देशन में रेंजर शिवानी रावत और राजस्व उप निरीक्षक नागचंद के नेतृत्व में संयुक्त टीम जांच कर रही है। नायब तहसीलदार राजेन्द्र लाल ने बताया कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर सरकारी बंजर, निजी और वन पंचायत भूमि की स्थिति जांची जा रही है। उप प्रभागीय वनाधिकारी देवेंद्र सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में मार्ग निर्माण सिविल सोयम भूमि में होने की जानकारी सामने आई है।
निर्माण की जद में आए पेड़-पौधों और मलबे में दबे अवशेषों का आकलन किया जा रहा है। जांच टीम के पहुंचने की भनक लगने पर एलएनटी मशीन से कटान कर मौके के साक्ष्य मिटाने के प्रयास के आरोप भी सामने आए हैं।