जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : घने जंगल के बीच देर रात सड़क पर विशाल चीड़ का पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सुनसान वन क्षेत्र और रात का समय होने के कारण मौके पर फंसे शिक्षक के सामने जंगली जानवरों का खतरा भी मंडराने लगा। ऐसे मुश्किल वक्त में रिखणीखाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर न केवल सड़क से पेड़ हटाया, बल्कि शिक्षक को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचने में भी मदद की।

19 अगस्त की रात सिमड़ी निवासी शिक्षक सत्यप्रकाश कोटद्वार से अवकाश के बाद अपने विद्यालय के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में कई स्थानों पर मार्ग बाधित होने के कारण उन्हें पहले ही काफी विलंब हो चुका था। रात करीब 11 बजे रिखणीखाल बाजार से आगे पहुंचने पर उन्हें सड़क के बीचोंबीच एक विशाल चीड़ का पेड़ गिरा मिला। पेड़ के कारण सड़क पर दोनों ओर से आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई थी। शिक्षक ने स्वयं काफी देर तक पेड़ को हटाने का प्रयास किया, लेकिन विशाल पेड़ होने के कारण वह सफल नहीं हो सके। वहीं, घने जंगल के बीच रात बढ़ने के साथ ही बाघ, भालू समेत अन्य वन्यजीवों का खतरा भी बढ़ता जा रहा था। स्थिति को देखते हुए शिक्षक ने तत्काल रिखणीखाल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद सड़क पर गिरे पेड़ को हटाकर मार्ग को यातायात के लिए सुचारु कराया। पुलिस की तत्परता से शिक्षक को राहत मिली और वह सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सके। रात के समय सुनसान वन क्षेत्र में फंसे शिक्षक के लिए रिखणीखाल पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई राहत और सुरक्षा का भरोसा देने वाली रही। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की।