शुभेंदु सरकार का गुंडा नियंत्रण बिल विधानसभा में पारित

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0-बंगाल के बागी सांसदों ने भी किया नए विधेयक का समर्थन
कोलकाता/नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल विधानसभा में पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026 (गुंडा दमन विधेयक) ध्वनि मत से पारित हो गया। मतदान के दौरान 176 विधायकों ने विधेयक के पक्ष में, 41 ने विरोध में मतदान किया, जबकि 20 सदस्य मतदान से दूर रहे। वहीं बंगाल के बागी सांसदों ने भी इस विधेयक का समर्थन कर दिया है। इस बिल की मदद से राज्य में गुंडा तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि, बंगाल के बागी सांसदों ने भी नए विधेयक का समर्थन किया है। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल को लेकर कहा कि ‘मैं इस विधेयक का समर्थन करती हूं। यह विधेयक असामाजिक तत्वों के खिलाफ लाया जा रहा है।’ यही नहीं बड़बोले एयूजेपी विधायक हुमायूं कबीर ने नए विधेयक पर कहा कि मैं इस विधेयक का समर्थन करता हूं और यह राज्य के लोगों की भलाई के लिए लाया जा रहा है।
राज्य विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होगी। उक्त विधेयक के तहत सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में गिरफ्तारी के साथ-साथ दोषियों की संपत्ति जब्त करने की भी व्यवस्था रखी गई है। सरकार का कहना है कि कानून का उद्देश्य संगठित असामाजिक गतिविधियों और हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण करना है।विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होगी।
बता दे कि, नए विधेयक से पुलिस को ज्यादा पॉवर मिलने की बात कही जा रही है। एसपी रैंक या उससे ऊपर के अधिकारी की रिपोर्ट पर किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकेगा। इतना ही नहीं पुलिस किसी व्यक्ति को अगर जन सुरक्षा के लिए खतरनाक मानती है तो उसे बिना मुकदमे के एक साल तक हिरासत में रखा जा सकेगा।

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