हद हो गयी कोटद्वार में: ऑटो चालको की मनमानी, पांच किमी के 50 रूपये वसूल रहे एक सवारी से

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कोटद्वार। सोशल डिस्र्टेंसग के नाम पर कोटद्वार में ऑटो चालकों द्वारा सवारियों से मनमर्जी का किराया लिया जा रहा है। जिन लोगों के पास अपने निजी वाहन नहीं है ऑटो चालक उनकी मजबूरी का फायदा उठा रहे है। लॉकडाउन से पूर्व जहां प्रति सवारी 20 रूपये किराया लिया जा रहा था, वहीं अब सवारियों से सोशल डिस्टेंस के नाम पर ढाई से तीन गुना किराया लिया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन जानकारी के बावजूद भी कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। नगर निगम के पार्षद ने ऑटो चालकों पर मनमर्जी किराया वसूलने का आरोप लगाते हुए कहा कि दुर्गापुरी से लालबत्ती चौराहे तक 50 और सिगड्डी से एसबीआई मुख्य शाखा देवी रोड तक 80 से 100 रूपये प्रति सवारी किराया लिया जा रहा है। यातायात के अन्य साधन न होने के कारण मजबूरी में लोग ऑटो में आने को मजबूर है।
देश में कोराना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 22 मार्च 2020 से 17 मई तक लॉकडाउन किया गया था। वर्तमान में अनलॉक वन चल रहा है। सरकार की ओर से ऑटो, ई-रिक्शा, मैक्स और बसों को पचास प्रतिशत सवारियों के साथ संचालन की अनुमति दी गई है। सरकार ने कहीं भी यह नहीं बताया कि पचास प्रतिशत के संचालन के दौरान तीन गुना किराया लिया जाय, लेकिन कोटद्वार में ऑटो चालक सवारियों से मनमर्जी किराया वसूल रहे है। अनलॉक वन में बाजार में सभी दुकानें खुल गई है। इन दुकानों में काम करने वाले लोग और सामान खरीदने वाले लोग बाजार आने लगे है। जिन लोगों के पास अपने निजी वाहन है वह तो अपने वाहन से बाजार आ रहे है, लेकिन जिन लोगों के पास अपने वाहन नहीं है उन्हें बाजार आने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ऑटो का संचालन हो रहा है, लेकिन ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे है। नगर निगम के पार्षद सौरभ नौटियाल ने बताया कि दुर्गापुरी से लालबत्ती चौराह नजीबाबाद रोड तक ऑटो चालक ने 50 और सिगड्डी से कोटद्वार के 80 से 100 रूपये किराया ले रहे है। ऐसी स्थिति में अगर कोई व्यक्ति बाजार सामान खरीदने या डयूटी पर आता है तो उसे प्रतिदिन 100 से 200 रूपये किराया देना होगा। उन्होंने कहा कि पहले ही लॉकडाउन के कारण लोगों की आय के साधन बंद पड़े हुए है। वहीं ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे है। उधर, एआरटीओ आरएस कटारिया का कहना है कि शासनदेश के अनुसार ऑटो, ई-रिक्शा समेत सार्वजनिक परिवहन को पचास प्रतिशत सवारी के साथ संचालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि निर्धारित किराया से अधिक किराया लेना गलत है। अभियान चलाकर निर्धारित किराया से अधिक किराया लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

बॉक्स समाचार
पार्षदों ने सिटी बस चलाने की मांग की है
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। नगर निगम कोटद्वार के पार्षदों ने कोटद्वार भाबर और सनेह में सीटी बस चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनता पिछले कई वर्षों से सीटी बस चलाने की मांग कर रही है, लेकिन अभी तक बस का संचालन नहीं हो पाया है। जिस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पार्षद सौरभ नौटियाल, अनिल नेगी, कुलदीप कॉम्बोज ने उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा के माध्यम से जिलाधिकारी को प्रेषित ज्ञापन में कहा कि नगर निगम कोटद्वार क्षेत्र में कोरोना महामारी के चलते वाहनों की आवाजाही में भारी कमी के कारण ऑटो, ई-रिक्शा व जीप चालकों द्वारा सवारियों से अतिरिक्त किराया वूसला जा रहा है। लॉकडाउन के कारण पहले ही नगर निगम क्षेत्र के लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे है। आय के साधन ठप होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार से दुर्गापुरी चौराहे की दूरी मात्र सात किमी. है। मानकों के अनुसार पूर्व में 20 रूपये प्रति सवारी किराया लिया जाता था, लेकिन वर्तमान में ऑटो चालक 50 रूपये सवारी किराया ले रहे है। वहीं सिगड्डी से कोटद्वार के भी 80 से 100 रूपये किराया लिया जा रहा है। इसी तरह से सनेह क्षेत्र में भी यात्रियों से मनमाना किराया लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग एक वर्ष पूर्व नगर निगम की बोर्ड बैठक में कोटद्वार से सनेह के लिए एक और कोटद्वार से सिगड्डी के लिए दो बसें संचालित करने का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन अभी तक बसों का संचालन नहीं हो पाया है। जिस कारण लोग अधिक किराया देकर कोटद्वार आने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के चालीस वार्डों में सोशल डिस्टेंस के अनुरूप पचास प्रतिशत सवारी में उत्तराखण्ड परिवहन निगम एवं जीएमओयूलि की बसें सिटी बस के रूप चलाई जाय। ताकि जनता पर आर्थिक बोझ कम हो सकें।

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