स्वास्थ्य मंत्री ने खुशियों की सवारी एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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गर्भवती महिला को अस्पताल लाने के बाद जच्चा-बच्चा को घर भी छोड़ेगी खुशियों की सवारी
पौड़ी जिले को मिली 11 खुशियों की सवारी एम्बुलेंस
जयन्त प्रतिनिधि। 
पौड़ी। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शनिवार को जिला अस्पताल पौड़ी में खुशियों की सवारी एम्बुलेंस को विधिवत पूजा अर्चना के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी सुविधा मुहैया कराई गई है। राज्य सरकार हर स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाने में कार्य कर रही है। उन्होंने जरूरतमंद लोगों के लिए अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने हेतु एक प्रतिनिधि नामित करने की बात कही। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पौड़ी जनपद को खुशियों की सवारी की 11 एम्बुलेंस मिली हैं, जिनमें से 1 पौड़ी, 1 पाबौं, 6 श्रीनगर और 3 कोटद्वार के लिए हैं।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में गत वर्ष 2016 से खुशियों की सवारी एम्बुलेंस बंद हो गई थी। स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद उन्होंने खुशियों की सवारी के बारे में जानकारी ली। जिस पर विभाग द्वारा बताया गया कि टेंडर न होने से यह सेवा बंद कर दी गई। उन्होंने कहा कि 2016 से पूर्व अस्पताल में बच्चा-जच्चा होने पर खुशियों की सवारी उन्हें घर तक छोड़ने का कार्य करती थी। राज्य सरकार ने इसमें बड़ा परिवर्तन किया है। अब गर्भवती महिला प्रसव हेतु टॉल फ्री नम्बर 102 पर कॉल करने से खुशियों की सवारी एम्बुलेंस गर्भवती महिला को लाने के लिए उनके घर तक जायेगी और बच्चा-जच्चा होने पर उन्हें घर तक छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला को लाने के लिए खर्च केन्द्र सरकार व अस्पताल से घर तक ले जाने हेतु खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। अब दोनों तरफ के लिए व्यवस्था बनाई है। साथ ही वाहन की समस्या आने अथवा चालक अवकाश पर होने से गर्भवती महिला को टैक्सी पर लाने पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उन्हें टैक्सी की भाड़ा दिया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डायलिसिस के रोगियों का अब हर जिला अस्पताल में डायलिसिस किया जायेगा तथा घर से आने-जाने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी। विकलांग बच्चों को आवाजाही हेतु एम्बुलेंस की व्यवस्था भी जल्द की जायेगी। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री बड़ी योजना का शुभारंभ करने जा रहे है। अब अस्पताल में आने वाले सभी रोगियों को दवाई नि:शुल्क दी जाएगी। डॉक्टर बाहर की दवाई नहीं लिखेगें। पर्चा लैंस सुविधा मुहैया कराई जाएगी। डायबिटीज रोगियों के लिए इंसुलिन की इंजेक्सन भी नि:शुल्क दिया जायेगा। इस अवसर पर प्रदेश सहकारिता अध्यक्ष मातबर सिंह रावत, पूर्व राज्यमंत्री घनानन्द, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कुंज बिहारी नेगी, मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत कुमार आर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, चिकित्सा प्रमुख एमएस राणा, एसीएमओ डॉ. जीएस तालियान, एसआई पूनम शाह, जिला महामंत्री भाजपा जगत किशोर बड़थ्वाल, सांसद प्रतिनिधि ओम प्रकाश जुगराण, क्रांति किशोर सहित अन्य गणमान्य एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

अस्पताल में सुगम स्वास्थ्य सुविधा की जा रही विकसित
जिलाधिकारी डॉ. जोगदण्डे ने कहा कि जनपद में विकास के बहुत कार्य किये गये है। विशेष रूप में स्वास्थ्य सेवा में बेहतर कार्य करने का प्रयास स्वास्थ्य मंत्री के दिशा निर्देशन में हुआ है। जिला अस्पताल में आईसीयू का कार्य प्रारम्भ किया है। साथ ही 1000 लीटर क्षमता वाली ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। पीपीपी मोड के अन्तर्गत में सीएचसी पाबौ, सीएचसी बीरोंखाल में संचालित किया गया है। जहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराये जा रहे है। पूरे जनपद में आपदा प्रबंधन एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 7000 लीटर क्षमता की विभिन्न अस्पतालों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। सीएचसी थलीसैंण, चेलुसैन, कोट एवं सीएचसी सतपुली में संचालित किया गया है। जनपद के बड़े अस्पताल में मेडिकल कॉलेज 4200 लीटर क्षमता की ऑक्सीजन प्लांट संचालित कर दिया है। वर्तमान में दो प्लांट कार्य कर रही है। बेस अस्पताल कोटद्वार में 300 लीटर क्षमता की पूर्व में ऑक्सीजन प्लांट संचालित है और 500 लीटर क्षमता की प्लांट पर निर्माण कार्य गतिमान है। उन्होंने कहा कि जनपद के हर अस्पताल में सुगम स्वास्थ्य सुविधा विकसित की जा रही है।

कोल्ठा गांव की सड़क होगी वीरचक्र विजेता स्व. गुमान सिंह के नाम
पौड़ी। खिर्सू ब्लाक के कोल्ठा गांव को जाने वाली सड़क का नाम गढ़वाल के वीर चक्र विजेता स्व. गुमान सिंह रावत के नाम से रखा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने इस सड़क को वीरचक्र विजेता स्व. गुमान सिंह रावत के नाम से रखने की घोषणा की।
जिला अस्पताल पौड़ी में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कोल्ठा गांव को जाने वाली सड़क का नाम गढ़वाल के प्रथम वीर चक्र विजेता स्व. गुमान सिंह रावत के नाम से रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गांव को जल्द ही सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाएगा। पिछले लंबे समय से उनके परिजन व ग्रामीण इस सड़क का नाम वीर चक्र विजेता स्व. गुमान सिंह रावत के नाम से रखने की मांग कर रहे थे। वीर चक्र प्राप्त स्व. गुमान सिंह रावत के पोते पदमेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वे ग्रामीणों के साथ पिछले लंबे समय से कोल्ठा गांव को सड़क से जोड़ने व इस सड़क का नाम वीरचक्र विजेता के नाम पर रखने के लिए सरकार से मांग कर रहे थे। यहां तक कि कोल्ठा गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए डंडी कांडी का सहारा लिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस गांव में शीघ्र ही सड़क बनाई जानी चाहिए। जिससे लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने गांव में मूलभूत सुविधाओं के साथ ही गांव को सड़क से जोड़ने की मांग भी उठाई है। स्व. गुमान सिंह रावत की पत्नी भूमा देवी ने कहा कि उनके पति ने देश के लिए अपना सर्वोंच्च बलिदान दिया है। लेकिन आज तक गांव सड़क से नहीं जुड़ पाया है। उन्होंने गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के साथ ही मूलभूत सुविधाएं देने की मांग की है।

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