आरोपियों के नार्को व पॉलीग्राफ टेस्ट पर हुई सुनवाई, आज फैसला सुनाएगी न्यायालय

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अभियोजन पक्ष ने संबंधित मामले की रूलिंग (न्यायिक निर्णयों की प्रति) न्यायालय में की दाखिल
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : अंकिता हत्याकांड के तीनों आरोपियों के नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के मसले पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भावना पांडे की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने संबंधित मामले की रूलिंग (न्यायिक निर्णयों की प्रति) दाखिल की। जिसके बाद कोर्ट ने एक दिन की तारीख आगे बढ़ा दी है। अब कोर्ट बुधवार को फैसला सुनाएगी।
शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र सिंह रावत ने बताया कि गत तीन जनवरी को अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अपनी दलीलें रखी गई थीं। बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसले के लिए 5 जनवरी की तिथि निर्धारित की थी। पांच जनवरी को अभियोजन पक्ष की ओर से संबंधित मामलों में अन्य कई रूलिंग को जरूरी बताते हुए इन्हें प्रस्तुत करने के लिए अदालत से समय की मांग की गई। अदालत ने इसके लिए समय प्रदान करते हुए 10 जनवरी की तिथि नियत की गई थी।

मंगलवार को न्यायालय में क्या हुआ
न्यायालय में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकीलों के बीच लंबी बहस हुई। एक तरफ जहां बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमित सजवाण हत्यारोपियों का नार्को टेस्ट न करवाने की मांग करते रहे। वहीं, दूसरी ओर सरकारी वकील अंकिता मर्डर केस के आरोपियों का नार्को टेस्ट कराए जाने की जोरदार मांग करते रहे। उधर अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय के समक्ष मामले से जुड़ी रूलिंग दाखिल कर फैसला देने की अपील की गई। वहीं, कोर्ट ने इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अब कोर्ट बुधवार यानि 11 जनवरी को अपना फैसला सुनाएगी।

जाने कब क्या हुआ
– 9 दिसंबर, 2022 को अंकिता हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी ने तीनों आरोपियों पुलकित, सौरभ व अंकित के नार्को एवं पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था।
– 12 दिसंबर, 2022 को आरोपी पुलकित एवं सौरभ ने नार्को टेस्ट कराने के लिए सहमति प्रदान कर दी थी लेकिन तीसरे आरोपी अंकित ने कोर्ट से इस पर विचार के लिए दस दिन का समय मांगा।
– 22 दिसंबर, 2022 को तीनों आरोपियों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पैंतरा बदलते हुए पूर्व में दी गई सहमति व असहमति के पत्रों को वापस ले लिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमित सजवाण ने कोर्ट से कहा कि सहमति देने वाले दो आरोपियों पुलकित और सौरभ ने बिना कानूनी सलाह के सहमति प्रदान की थी।
– 3 जनवरी, 2023 को अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से बहस की गई। बहस के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 5 जनवरी की तिथि नियत कर दी।
– 5 जनवरी, 2023 को अभियोजन पक्ष ने फैसले से पूर्व नार्को व पॉलीग्राफ टेस्ट से संबंधित रूलिंग (न्यायिक निर्णयों की प्रति) अदालत में दाखिल करने के लिए समय की मांग अदालत से की। अदालत ने सुनवाई के लिए 10 जनवरी की तिथि निर्धारित की थी।

आरोपी पुलकित आर्य ने इन सवालों को भी शामिल करने को कहा
– अंकिता को नहर में धक्का किसने दिया और उसे मारने की साजिश किसने रची।
– घटना की शाम अंकिता अपनी मर्जी से हमारे साथ गई थी या उसे जबरदस्ती ले गए।
– क्या किसी ने अंकिता को बचाने की कोशिश की।
– क्या हमने अंकिता को किसी वीआईपी के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए उकसाया।
– अंकिता के परिवार एवं मित्र पुष्प के साथ अंकिता के कैसे संबंध थे। इस बारे में अंकिता ने हमें क्या-क्या बताया।
– अंकिता का दोस्त पुष्प उसके साथ शादी के लिए क्यों मना कर रहा था। अंकिता ने इस बारे में हम तीनों को क्या-क्या बताया।

यह है पूरा मामला
बता दें कि 18 सितंबर की रात को वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने राजस्व पुलिस चौकी में अपनी कर्मचारी अंकिता भंडारी के गुमशुदा होने की शिकायत दी थी। करीब तीन दिनों तक इस मामले की ढिलाई से जांच की गई। इसके बाद शासन के निर्देश पर मामले को रेगुलर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने सारी बात उगल दी। पता चला कि पुलकित और अंकिता के बीच झगड़ा हुआ था। ऋषिकेश से लौटते वक्त अंकिता और पुलकित के बीच नहर किनारे फिर से विवाद हुआ और इस बीच पुलकित ने अंकिता को नहर में धक्का दे दिया था। पुलिस ने इस मामले में 22 सितंबर को पुलकित, अंकित और सौरभ को गिरफ्तार कर लिया था।

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