अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों की जमानत याचिकाएं हाईकोर्ट ने खारिज कीं

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नैनीताल: बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में नैनीताल हाईकोर्ट ने तीनों दोषियों को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। बुधवार को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों को जमानत देने से इनकार कर दिया।
तीनों दोषियों की ओर से हाईकोर्ट में जमानत के लिए दलीलें रखी गई थीं। मामले में दो दिन तक चली लंबी सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अपने पक्ष में विभिन्न तर्क अदालत के सामने रखे। बुधवार को खंडपीठ ने इन दलीलों पर सुनवाई पूरी करने के बाद तीनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
निचली अदालत से मिल चुकी है उम्रकैद की सजा
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार की अदालत ने पिछले वर्ष 30 मई को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तीनों ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की है और इसी प्रक्रिया के दौरान जमानत के लिए भी अदालत का रुख किया था।
हाईकोर्ट द्वारा जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद तीनों दोषी फिलहाल जेल में ही रहेंगे। वहीं उनकी ओर से दायर मुख्य अपील पर न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।
2022 में सामने आया था मामला
अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनके लापता होने के बाद मामला सामने आया था। कुछ दिनों बाद चीला बैराज से उनका शव बरामद हुआ था। इस घटना ने पूरे उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश पैदा किया था।
मामले में पुलिस ने रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य समेत सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। बाद में मामला अदालत पहुंचा और सुनवाई के बाद तीनों को दोषी ठहराया गया।
हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें
तीनों दोषियों की जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद अब मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। हाईकोर्ट में दाखिल अपीलों पर सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर आगे विचार किया जाएगा। अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में रहा है और मामले की हर न्यायिक कार्रवाई पर प्रदेशभर की नजर बनी हुई है।

 

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