देहरादून: प्रेमनगर थाना क्षेत्र की बिधौली चौकी में वढएर के छात्रों के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी का मामला अब चौकी स्तर से निकलकर पुलिस और शासन के आला अधिकारियों तक पहुंच गया है। छात्रों की ओर से पूरे घटनाक्रम की शिकायत ई-मेल के माध्यम से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, ररढ देहरादून, ऊकॅ देहरादून, मुख्यमंत्री कार्यालय और ट८ॅङ्म५ समेत संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। शिकायत की एक प्रति वढएर के डीन और कॉलेज के अन्य अधिकारियों को भी उपलब्ध कराई गई है।
छात्र अमृतम अंशुमन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे आरसी दिखाने के बहाने बिधौली चौकी के अंदर एक ऐसे कमरे में ले जाया गया, जहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। छात्र का दावा है कि कमरे के भीतर करीब 7-8 पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोप यह भी है कि उसके कपड़े उतरवाए गए।
अंशुमन के मुताबिक, जब उसने पुलिसकर्मियों को बताया कि वह बिहार का रहने वाला है, तो उसके साथ कथित तौर पर और अधिक मारपीट की गई। छात्र ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि चौकी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
छात्रा ने भी लगाए गंभीर आरोप
मामले में लॉ की छात्रा मीनाक्षी ने भी पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा के अनुसार, वह अपने साथी के बारे में जानकारी लेने चौकी के पास पहुंची थीं। आरोप है कि वहां मौजूद पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें धमकी दी। छात्रों का आरोप है कि घटनाक्रम के बाद जब वे अपनी शिकायत लेकर प्रेमनगर थाने पहुंचे तो उनकी शिकायत दर्ज करने में भी कथित तौर पर आनाकानी की गई। इसके बाद छात्रों ने वरिष्ठ अधिकारियों और शासन स्तर पर शिकायत भेजने का निर्णय लिया।
हेल्पलाइन से लेकर पुलिस
अधिकारियों तक पहुंची शिकायत
छात्रों की ओर से भेजी गई शिकायत में मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। साथ ही आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। छात्रों का कहना है कि पुलिस जैसी जिम्मेदार संस्था में किसी भी व्यक्ति के साथ कानून के दायरे से बाहर जाकर व्यवहार नहीं होना चाहिए। मामला अब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद जांच और कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
िशकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस विभाग घटनाक्रम के संबंध में क्या तथ्य सामने रखता है।