टिकट कैंसिल करने पर कितनी होती है रेलवे की कमाई? रेल मंत्री ने संसद में खोला बड़ा राज

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नई दिल्ली , भारतीय रेलवे टिकट कैंसिल होने और बिना रद्द कराए गए वेटिंग टिकटों के जब्त किराए से हर साल भारी कमाई करता है, लेकिन इसका कोई अलग से जोन-वार रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए यह अहम जानकारी साझा की है। इसके साथ ही उन्होंने सामान्य ट्रेनों के मुकाबले वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों के लिए टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के बिल्कुल अलग नियमों की भी विस्तृत जानकारी दी।
संसद में सांसद के सवाल पर रेल मंत्री का खुलासा
कांग्रेस सांसद चंद्रकांत हंडोरे ने राज्यसभा में पिछले तीन सालों के दौरान टिकट कैंसिलेशन शुल्क और वेटिंग टिकटों से रेलवे को जोन-वार हुई आय का ब्योरा मांगा था। उन्होंने कैंसिलेशन शुल्क के जरिए रेलवे द्वारा भारी राशि जुटाने पर चिंता भी जताई थी। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे इस आय का जोन के हिसाब से अलग ब्योरा मेंटेन नहीं करता है। उन्होंने सदन को बताया कि सामान्य ट्रेनों और नई प्रीमियम ट्रेनों के रिफंड नियमों में बड़ा अंतर है, जिसे यात्रियों के लिए जानना बेहद जरूरी है।
सामान्य ट्रेनों में टिकट रद्द करने पर कटता है इतना चार्ज
सामान्य ट्रेनों के नियमों के मुताबिक, अगर कोई कंफर्म टिकट ट्रेन रवाना होने से 48 घंटे पहले कैंसिल कराया जाता है, तो क्लास के हिसाब से तय राशि काटी जाती है। इसमें फर्स्ट एसी के लिए 240 रुपये, सेकेंड एसी के लिए 200 रुपये, थर्ड एसी के लिए 180 रुपये, स्लीपर के लिए 120 रुपये और रिजर्व्ड सेकेंड क्लास के लिए 60 रुपये का शुल्क लागू होता है। वहीं, ट्रेन छूटने से 48 घंटे से लेकर 12 घंटे पहले तक टिकट रद्द करने पर किराए का 25 प्रतिशत और 12 घंटे से 4 घंटे पहले तक कैंसिल कराने पर 50 प्रतिशत हिस्सा काट लिया जाता है। ट्रेन रवाना होने के 4 घंटे से कम समय पहले कंफर्म टिकट रद्द कराने पर कोई रिफंड नहीं मिलता है, जबकि वेटिंग या आरएसी टिकटों को 30 मिनट पहले तक कैंसिल कराने पर 60 रुपये प्रति यात्री क्लर्केज फीस काटी जाती है।
वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत एक्सप्रेस के लिए तीन नए स्लैब
रेल मंत्री ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर और नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के कंफर्म टिकट कैंसिलेशन के लिए तीन अलग स्लैब बनाए गए हैं। इन ट्रेनों में रवाना होने से कम से कम 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर किराए का 25 प्रतिशत हिस्सा कटता है। वहीं, 72 घंटे से लेकर 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करने पर 50 प्रतिशत किराया जब्त हो जाता है, जबकि 8 घंटे से कम समय में कैंसिलेशन पर कोई रिफंड नहीं दिया जाता।

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