नई दिल्ली , नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। इस मामले में विवादों में घिरी रूचिका सिंह का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में वह अपने किए पर भारी पछतावा जताते हुए पूरे देश से माफी मांग रही है। रूचिका का कहना है कि उसने जो भी किया वह माफी के लायक नहीं है, लेकिन इसके साथ ही उसकी उम्र और उसकी पिछली पहचान को लेकर भी कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसने इस पूरे मामले को और भी उलझा दिया है।
‘यह मेरी पहली और आखिरी गलती है, मुझे माफ कर दें
सामने आए नए वीडियो में रूचिका सिंह अपने बयानों पर गहरी शर्मिंदगी जताती हुई नजर आ रही है। वीडियो में उसने खुद को महज 15 साल का बताया है। रूचिका ने भावुक होते हुए कहा है कि उसने बहुत सी बुरी बातें कही हैं, जो किसी भी सूरत में माफी के योग्य नहीं हैं। उसने अपनी इस हरकत को ‘पहली और आखिरी गलतीÓ करार देते हुए देशवासियों से हाथ जोड़कर अपील की है। रूचिका का कहना है कि उसे अपने किए पर इतनी शर्म आ रही है कि वह खुद को आइने में भी नहीं देख पा रही है, इसलिए उसे इस भारी भूल के लिए माफ कर दिया जाए।
उम्र पर गहराया सस्पेंस: वीडियो में 15 तो एफआईआर में 25 साल
रूचिका सिंह के इस नए वीडियो ने उसकी वास्तविक उम्र को लेकर एक बड़ा सस्पेंस खड़ा कर दिया है। एक तरफ जहां वह वीडियो में खुद की उम्र 15 साल बता रही है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह ने नोएडा पुलिस के पास एक औपचारिक एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला वकील द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज इस एफआईआर में युवती की उम्र 25 साल बताई गई है। इसी शिकायत पर नोएडा पुलिस ने रूचिका के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की है।
सैलून में नेल आर्ट की ट्रेनिंग और आधार कार्ड का राज
इस पूरे विवाद के बीच रूचिका सिंह से जुड़ा एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, रूचिका ने नोएडा के एक सैलून में नेल आर्ट की ट्रेनिंग भी ली थी, जहां उसने अपनी असली पहचान छिपाने की कोशिश की थी। सेक्टर 135 स्थित इस सैलून के संचालक टीपी त्रिपाठी के अनुसार, करीब एक महीने पहले रूचिका उनके पास काम सीखने के मकसद से आई थी। उस वक्त उसने अपना नाम ‘मैनसिल जैनÓ बताया था और तीन महीने की ट्रेनिंग के लिए आवेदन किया था। हालांकि, जब सैलून मालिक ने उससे पहचान के लिए आधार कार्ड मांगा, तो वह लगातार बहाने बनाने लगी। आधार कार्ड जमा करने को लेकर जब सैलून की तरफ से सख्ती बरती गई, तो उसने महज नौ दिन में ही ट्रेनिंग बीच में छोड़ दी और वहां से गायब हो गई।