अवैध शस्त्र निगरानी समिति की बैठक हुई, डीएम ने निगरानी तंत्र मजबूत करने के दिए निर्देश
जयन्त प्रतिनिधि।
चमोली : जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट में अवैध शस्त्र निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवैध शस्त्रों की आवाजाही, आर्म लाइसेंसों के सत्यापन, लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही तथा जब्त हथियारों के प्रबंधन पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध हथियारों का व्यापार सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और इसके उन्मूलन हेतु सभी सम्बंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
जिलाधिकारी ने पुलिस एवं प्रवर्तन एजेंसियों को मजबूत इंटेलिजेंस नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि हथियारों की तस्करी के संभावित मार्गों और संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी रखी जा सके। उन्होंने शस्त्र लाइसेंस धारकों के रिकॉर्ड का नियमित सत्यापन तथा सघन जांच सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही तहसीलों में स्थापित मालखानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। बैठक में शस्त्र पटल सहायक द्वारा जानकारी दी गई कि वर्तमान में जनपद चमोली में शस्त्र से संबंधित कोई मुकदमा दर्ज नहीं है तथा कोई हथियार जब्त नहीं किया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। इस मौके पर पुलिस उपाधीक्षक बीएस राणा ने कहा कि पुलिस विभाग अवैध शस्त्रों की तस्करी रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रहा है तथा थाना स्तर पर शस्त्रों के सत्यापन की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जा रही है। बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, डीएफओ सर्वेश दुबे, एसडीएम आरके पाण्डेय, एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ, एसडीएम अबरार अहमद सहित वर्चुअल माध्यम से पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।