उत्तराखंड

प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व पर की चर्चा

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जयन्त प्रतिनिधि
श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल केंद्रीय विवि के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विभाग की ओर से तृतीय राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस पर वेबिनार आयोजित किया गया। जिसमें 100 से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने प्रतिभाग कर प्राकृतिक चिकित्सा की उपयोगिता एवं महत्व पर विचार रखे।
गुरुवार को गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने वेबिनार का शुभारंभ करते हुए प्राकृतिक चिकित्सा के अंतर्गत पंचमहाभूत की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वेबिनार के मुख्य विषय वर्तमान समय में प्राकृतिक चिकित्सा की प्रासंगिकता पर विभागाध्यक्ष डा. अनुजा रावत ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। संकायाध्यक्ष शिक्षा प्रो. रमा मैखुरी ने प्राकृतिक चिकित्सा की वर्तमान समय में आवश्यकता पर अपने विचार रखे। उत्तराखंड संस्कृत विवि योग विभाग के विभागाध्यक्ष डा. कामाख्या कुमार ने प्राकृतिक चिकित्सा मालिश और उपवास के महत्व को बताया। आचार्य डा. घनश्याम सिंह ठाकुर, डा. चिंताहरण बेताल, डा. सचिन त्यागी ने भी प्राकृतिक चिकित्सा के इतिहास और वर्तमान उपयोगिता पर विचार रखे। मौके पर कार्यक्रम संयोजक डा. विनोद नौटियाल, डा. रजनी नौटियाल आदि मौजूद रहे।

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