नई दिल्ली ,भारतीय रक्षा क्षेत्र से एक बेहद शानदार और गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आई है। भारत ने ‘मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल तकनीक से लैस अपनी अत्याधुनिक ‘अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण कर पूरी दुनिया में अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। इस कामयाबी ने देश की रणनीतिक और रक्षा क्षमताओं को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। दिलचस्प बात यह है कि इस मिसाइल के लॉन्च का अद्भुत नजारा पड़ोसी देश बांग्लादेश तक दिखाई दिया, जिसके बाद से ही हर तरफ यह कयास लगाए जा रहे थे कि आखिर भारत ने ऐसा क्या लॉन्च कर दिया है जिसने आसमान में खलबली मचा दी है।
हिंद महासागर में एक साथ साधे कई सटीक निशाने
इस महाविनाशक मिसाइल का परीक्षण ओडिशा तट के पास स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और रणनीतिक बल कमान के इस संयुक्त और सफल फ्लाइट टेस्ट के दौरान मिसाइल के कई पेलोड्स ने हिंद महासागर क्षेत्र के एक बहुत बड़े भौगोलिक इलाके में फैले अलग-अलग टारगेट्स पर अचूक निशाना साधा। टेलीमेट्री, रडार और जहाज-आधारित स्टेशनों ने इस बात की पुष्टि की है कि मिशन के सभी उद्देश्य पूरी तरह से सफल रहे हैं। माना जा रहा है कि यह एडवांस अग्नि-5 या उसकी नई पीढ़ी (जैसेका परीक्षण है, जिसमें रूढ्ढक्रङ्क क्षमता के साथ संभावित हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल जैसी अत्याधुनिक तकनीक भी शामिल हो सकती है। सरकार के मुताबिक, मिसाइल के लॉन्च से लेकर पेलोड्स के टारगेट से टकराने तक की पूरी प्रक्रिया पर कई जमीनी और समुद्री ट्रैकिंग स्टेशनों के जरिए पैनी नजर रखी गई।