पीपल के पेड़ काटने से हो रही है भारतीय संस्कृति विलुप्त

Spread the love

जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। भारत विकास परिषद कोटद्वार के तत्वावधान में महिला विंग द्वारा भारतीय संस्कृति आज के संदर्भ में विषय पर ऑनलाइन संस्कार शाला का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता लोकेंद्र अंथवाल ने कहा कि हिंदू धर्म में पीपल के वृक्ष की बहुत महत्ता है उसकी पूजा करते है, परन्तु वर्तमान समय में पीपल के वृक्ष कटने लगे, जिससे भारतीय संस्कृति विलुप्त होती जा रही है। पीपल के वृक्ष हमें शिक्षा देते है उनका हमें सम्मान करना चाहिए।
मुख्य वक्ता लोकेंद्र अंथवाल प्रधानाचार्य रितेश शर्मा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज ने शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने संस्कार, सनातन संस्कृति का आज के सामाजिक परिवेश में तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति के बारे में जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे अपने बड़ों का सम्मान करना सीखे। जब तक संस्कृति जीवित रहगी तब तक राष्ट्र जीवित रहेगा। प्रांतीय महिला सहसंयोजिका श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इससे हमे बड़ो का सम्मान करना, दु:ख-सुख में एक-दूसरे की सहायता करना, तीज त्योहार मनाना इत्यादि सीखने को मिलता है। इस मौके पर पर अध्यक्ष राजदीप माहेश्वरी, सचिव राधेश्याम शर्मा, कोषाध्यक्ष सुभाष नैथानी, प्रवक्ता गोपाल बंसल, प्रांतीय महिला सह संयोजिका श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, राजेंद्र जखमोला, शाखा महिला संयोजिका श्रीमती सुनीता ऐरन सहित 45 लोग व छात्र छात्राए उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!