24 घंटे में 10 देशों के विदेश मंत्रियों के साथ जयशंकर की द्विपक्षीय वार्ता, हिंद प्रशांत क्षेत्र पर चीन को लेकर भी चर्चा

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नई दिल्ली, एजेंसी। इटली के माटेरा शहर में दुनिया के शीर्ष 20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर के लिए मंगलवार का दिन काफी गहमागहमी वाला रहा। दिन भर चले ग्रूप-20 देशों की बैठक में व्यस्त रहने के बावजूद उन्होंने वक्त निकाल कर एक दिन में दस देशों के विदेश मंत्रियों से द्विपक्षीय बैठकें की। जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिकेन, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब, फ्रांस के विदेश मंत्री जे वाइ ले द्रां, जापान के विदेश मंत्री तोशीमित्शु मोटेगी, स्पेन की विदेश मंत्री अरंचा गोंजालेज के अलावा सिंगापुर, कनाडा, सउदी अरब, मेक्सिको, इटली और अल्जीरिया के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात की व द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े तमाम मुद्दों पर बात की।
बातचीत में कोरोना महामारी और इसे खत्म करने को लेकर होने वाले सहयोग के साथ ही कुछ देशों के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर भी बात हुई है। विदेश मंत्री जयशंकर ने स्वयं ट्वीट पर जानकारी दी कि अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिकेन के साथ बैठक में एशिया प्रशांत और अफगान के मुद्दे पर बात हुई है। वैसे दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों की तरफ से इस बारे में आधिकारिक तौर अलग से कोई जानकारी नहीं दी गई।
जयशंकर की कनाडा के विदेश मंत्री मार्क गारनेऊ से भी अलग से बातचीत हुई। इस बैठक की अहमियत इसलिए है कि कनाडा सरकार की तरफ से पिछले वर्ष भारत में चल रहे किसान आंदोलन पर टिप्पणी के बाद दोनों देशों के बीच पहली बार कोई उच्चस्तरीय मुलाकात हुई है। जयशंकर के मुताबकि हिंद प्रशांत क्षेत्र, कारोबार और आर्थिक सहयोग पर खास तौर पर बात हुई है। हिंद प्रशांत क्षेत्र को लेकर जयशंकर की जापान के विदेश मंत्री मोटेगी से भी बात हुई। साथ ही जल्द ही दोनों देशों के बीच होने वाली टू प्लस टू वार्ता (विदेश व रक्षा मंत्रियों को मिला कर) को लेकर भी चर्चा हुई।
विदेश मंत्री के मुताबिक क्वाड की प्रगति भी एक मुद्दा रहा है।सउदी अरब के विदेश मंत्री के साथ हुई वार्ता में जल्द से जल्द दोनों देशों के बीच हवाई मार्ग खोलने की संभावना पर चर्चा हुई। भारत में कोरोना की स्थिति को देखते हुए सउदी अरब ने फिलहाल सीधी उड़ानें रोक रखी हैं। इसके चलते वहां काम करने वाले लाखों भारतीय फंसे हुए हैं।इसी तरह से मेक्सिको के विदेश मंत्री मार्सेलो ईबार्ड के साथ बैठक में फार्मा सेक्टर में सहयोग व कोरोना को हराने के मुद्दा हावी रहा।

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