पिथौरागढ़ में जनेश खर्कवाल लापता

Spread the love

पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के वड्डा क्षेत्र निवासी 39 वर्षीय जनेश खर्कवाल के अचानक लापता होने से परिवार में चिंता का माहौल है। रविवार से लापता युवक की परिजनों और पुलिस की ओर से तलाश की जा रही थी। इसी बीच सोमवार को घाट पुल के पास जनेश की स्कूटी और कपड़े मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया। सामान मिलने के बाद युवक के नदी में गिरने की आशंका जताई जा रही है।
रविवार से घर से लापता था जनेश
जानकारी के अनुसार, जनेश खर्कवाल रविवार से अचानक लापता बताए जा रहे हैं। परिजनों ने अपने स्तर से आसपास के क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर उनकी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस से संपर्क कर गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने युवक की तलाश शुरू की और उसके आने-जाने वाले संभावित स्थानों के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस की जांच के दौरान घाट पुल क्षेत्र पर भी नजर रखी गई।
घाट पुल के पास मिली
स्कूटी और कपड़े
सोमवार को घाट पुल के आसपास जनेश की स्कूटी और कपड़े बरामद होने की सूचना मिली। युवक का सामान इस स्थान पर मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घाट नदी और आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू कर दिया।
स्कूटी और कपड़े मिलने के कारण आशंका जताई जा रही है कि युवक नदी में गिरा हो सकता है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और बचाव दल अलग-अलग संभावित बिंदुओं पर तलाश कर रहे हैं।
घाट नदी में पुलिस और गोताखोरों का सर्च अभियान
घटना की सूचना के बाद पिथौरागढ़ और चंपावत पुलिस की टीमें तलाश अभियान में जुट गईं। घाट नदी के संभावित हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नदी में गहराई और तेज बहाव को देखते हुए गोताखोरों की मदद भी ली जा रही है।
चंपावत से गोताखोरों की टीम को मौके पर बुलाया गया है। गोताखोर नदी के उन हिस्सों में विशेष रूप से तलाश कर रहे हैं, जहां युवक के नदी में गिरने या पहुंचने की संभावना हो सकती है।
एनडीआरएफ टीम भी तलाश में जुटी
जनेश खर्कवाल की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम को भी अभियान में शामिल किया गया है। पुलिस, गोताखोरों और एनडीआरएफ के जवानों की टीमें नेत्र सलाम घाट सहित नदी के आसपास के क्षेत्रों में लगातार सर्च कर रही हैं।
बचाव दलों की ओर से नदी के संभावित स्थानों को चिन्हित कर क्रमवार तलाश की जा रही है। तेज बहाव और नदी की गहराई अभियान में चुनौती बनी हुई है, बावजूद इसके टीमों की ओर से लगातार प्रयास जारी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *