केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुंड में चक्का जाम

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रुद्रप्रयाग। कोरोना महामारी के दौर में राज्य सरकार द्वारा बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं को केदारनाथ आने की अनुमति दिए जाने के विरोध में क्षेत्रीय जनप्रतनिधियों एवं ग्रामीणों ने केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुंड में चक्काजाम किया। इस दौरान दो घंटे तक किसी भी तरह से वाहनों की आवाजाही बंद रही। कार्रवाई के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम देकर उन्होंने कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो जनप्रतिनिधि आमरण अनशन के साथ ही सामूहिक इस्तीफे देंगे।मंगलवार को ऊखीमठ में जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों द्वारा कुंड में करीब दो घंटे चक्काजाम किया गया। इस दौरान सभी तरह के वाहनों की आवाजाही बंद रही। बीते 27 जुलाई को ऊखीमठ ब्लॉक की प्रमुख श्वेता पांडेय के नेतृत्व में क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों व प्रधानों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुंड में चक्काजाम करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि चारधाम यात्रा में बाहरी राज्य के लोगों को अनुमति दिए जाने के निर्णय का विरोध किया जा रहा है। मंगलवार को सुबह 10 बजे ऊखीमठ क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ग्रामीणों के साथ कुंड में एकत्रित हुए। जहां पर करीब सवा 10 बजे बैनर तले राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुंड में तिराहे पर चक्काजाम किया। ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए जिपंस विनोद राणा व प्रधान संगठन अध्यक्ष सुभाष रावत ने कहा कि कहा कि पूरे देश में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है ऐसी स्थिति में बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं कब लिए यात्रा की अनुमति देना किसी खतरे से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए अन्य राज्यों के लोग पहुंच रहे हैं ऐसी स्थिति में एक भी संक्रमित व्यक्ति चारधाम यात्रा में पहुंचता है तो, हजारों लोग संक्रमण की चपेट में आ जाएंगे।बाद में एसडीएम ऊखीमठ वरुण अग्रवाल तहसील व पुलिस प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम द्वारा जनप्रतिनिधियों से वार्ता का प्रयास किया गया, किंतु मौके पर किसी भी जिलास्तरीय अधिकारी के न पहुंचने पर ग्रामीणों ने वार्ता से मना कर दिया, जिसके बाद एडीएम से जनप्रतिनिधियों की फोन पर वार्ता हुई। उन्होंने शासन में बात करने व कुछ समय देने की बात कही। बाद में ग्रामीणों एसडीएम वरुण अग्रवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि तीन दिन के भीतर राज्य सरकार फैसला वापस नहीं लेती है तो, 8 अगस्त से कुंड में जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों द्वारा आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा सामूहिक इस्तीफा दिया जाएगा। दोपहर सवा बारह बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। इस मौके पर जिपंस गणेश तिवारी,ज्येष्ठ प्रमुख कविता नौटियाल, कनिष्ठ प्रमुख शैलेन्द्र कोटवाल, विनोद सेमवाल, ग्राम प्रधान संदीप पुष्पवान, विजयपाल नेगी, योगेंद्र नेगी, संगीता देवी, प्रमिला देवी, दिलबर रावत, त्रिलोक रावत, ममंद अध्यक्ष प्रियंका देवी, यशोदा देवी प्रधान पिंकी देवी, हर्षवर्धन सेमवाल, गुड्डी देवी, सरोज देवी, देवेंद्र पंवार, प्रताप सिंह, महावीर पंवार, प्रदीप सिंह, दिव्या राणा, हुकुम फर्स्वाण, नवीन रावत आदि थे।जाम से हुई परेशानीऊखीमठ। मंगलवार को कुंड तिराहे पर चक्काजाम से स्थानीय लोगों व तीर्थयात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चक्काजाम के कारण केदारनाथ हाइवे के दोनों ओर एवं कुंड चमोली हाइवे पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। वहीं इसी बीच मरीज को अस्पताल ले जाते हुए एक वाहन को प्रदर्शनकारियों ने सड़क को खाली कर रास्ता दिया। करीब दो घण्टे तक वाहनों की आवाजाही बंद रहने पर सवारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह सवा दस बजे चक्काजाम के बाद दोपहर सवा बारह बजे आवाजाही सुचारू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

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