कुंभ के दौरान 11 मार्च से 27 अप्रैल तक नेत्र कुंभ संचालित करेगा सक्षम

Spread the love

हरिद्वार। सक्षम हरिद्वार में आरएसएस के सहयोग से कुंभ के दौरान 11 मार्च से 27 अप्रैल तक नेत्र कुंभ संचालित करेगा। ऋषिकुल आयुर्वेदिक महाविद्यालय के सभागार में आयोजित बैठक में संघ के प्रांत प्रचारक युद्धवीर ने बताया कि समस्त टोलियां अपनी जिम्मेदारी समझें तथा निष्ठा और लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने आह्वान किया संघ का मुख्य लक्ष्य सेवा करना है और इस सेवा के लिए ही सभी तत्पर रहें। बैठक में हरिद्वार के कुछ चिह्नित स्थानों पर नेत्र कुंभ आयोजित किये जाने की चर्चा की गई। जिसे व्यवहारिक रूप दिया जा रहा है। इन स्थानों में मुख्य रूप से एम्स ऋषिकेश, ऋषिकुल आयुर्वेदिक महाविद्यालय, हंस फाउंडेशन नेत्र चिकित्सालय हरिद्वार, स्वामी विवेकानंद मेडिकल मिशन हॉस्पिटल हरिद्वार, शांतिकुंज, चंडी घाट समेत कुल छह स्थानों पर नेत्र कुंभ के लिए स्थान प्रस्तावित हैं। नेत्र कुंभ में नेत्र विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। इससे पहले उत्तराखंड सक्षम के प्रांत सचिव ललित पंत ने अब तक की तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए प्रांत प्रचारक को अवगत कराया कि पूर्ण रूप से 7 फरवरी से पहले पहले समस्त कार्यकर्ताओं को नेत्र कुंभ से संबंधित समस्त दायित्व सौंप दिए जाएंगे। राष्ट्रीय सह सचिव सक्षम डॉक्टर संतोष ने प्रयागराज में हुए नेत्र कुंभ का उदाहरण देते हुए बताया कि यह हमारे लिए विशेष अवसर है जिस पर हमें सेवा करने का महत्वपूर्ण सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। बैठक में शिव राम कृष्ण, सक्षम के प्रांत के प्रमुख दायित्वधारी संरक्षक महंत गुरबिंदर सिंह, संरक्षक डा. ललित मोहन उप्रेती, प्रांत उपाध्यक्ष पृथ्वीपाल सिंह, प्रांत उपाध्यक्ष श्याम धानक, उपाध्यक्ष शीशपाल सिंह चौहान, कपिल रतूड़ी, सत्येंद्र सिंह, अनंत प्रकाश मेहरा, निरुपमा सूद, वीरेंद्र मुंडेपी, राजेश्वरी सेमवाल, शांति प्रसाद सेमवाल, सच्चिदानंद नौटियाल, वीरेंद्र दत्त जोशी, सीमा चौहान आदि शामिल रहे।
दो लाख लोगों के नेत्र परीक्षण का लक्ष्य: नेत्र कुंभ में दो लाख से अधिक चश्मा वितरण एवं समस्त साधु संतों के अलावा जरूरतमंदों की आंखों का परीक्षण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य में विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के डॉक्टरों और निजी संस्थानों के स्वयंसेवी भी सहयोग कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!